रहें सतर्क : एसिडिटी और पेट रोग से पीड़ित 70 फीसदी आबादी
बरेली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), कॉलेज ऑफ जनरल प्रैक्टिशनर्स (सीजीपी) की ओर से बुधवार को जंक्शन रोड स्थित एक होटल में डिस्पेंसिया और एसिडिटी विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन रहे।
डॉ. सुदीप ने बताया कि भागदौड़ भरी जीवनशैली में करीब 70 फीसदी आबादी एसिडिटी या पेट संबंधी रोगों की चपेट में है। इसके अलावा पेट में अत्यधिक तेजाब बनना, सीने में जलन की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह ज्यादा मानसिक तनाव, बिगड़ी दिनचर्या, देर रात तक जगना और सुबह देर से उठना, विकृत भोजन शैली, ज्यादा मिर्च, तेल या घी का सेवन करना, मोटापा, मदिरा पान, धूम्रपान, तंबाकू आदि का सेवन है। इससे पीड़ित मरीजों में खट्टी डकार, खाना लौटकर मुंह में आना, पेट के उपरी हिस्से में दर्द, कई बार शौच जाना आदि शुरुआती लक्षण हैं। ज्यादा तेजाब बनने से खांसी आने या खून की कमी होने की संभावना होती है।
इससे बचाव के लिए सात्विक भोजन खाने, मांसाहार से दूर रहने, चाय/कॉफी/कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन न करने का सुझाव दिया है। साथ ही, बगैर विशेषज्ञ चिकित्सक के परामर्श से दवाओं का सेवन न करने के लिए कहा है, क्योंकि कई दवा का साइड इफेक्ट भी होता है। जरूरत पर अल्ट्रासाउंड या एंडोस्कोपी करा सकते हैं। गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. रवीश अग्रवाल ने की। इस दौरान डॉ. अनूप आर्य, डॉ. जेके भाटिया, डॉ. आरके भारद्वाज, डॉ. वागीश वैश्य, डॉ. फुलेरा, डॉ. अनिल रावत, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. विपिन वार्ष्णेय, डॉ. विवेक सक्सेना आदि मौजूद रहे।


