Bareilly News: दस फीसदी सैंपलिंग के भरोसे कोरोना रोकथाम का दावा
बरेली। कोरोना की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। लक्ष्य के सापेक्ष महज दस फीसदी सैंपलिंग हो रही है। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा। संक्रमितों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी नहीं हो पा रही। विशेषज्ञों ने लोगों से खुद ही एहतियात अपनाकर सुरक्षित होने की अपील की है।
छह माह बाद जिले में फिर से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। शासन ने इसकी रोकथाम के लिए सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए थे। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के 32 केंद्रों पर प्रतिदिन चार से पांच सौ सैंपल ही हो रहे हैं, जबकि लक्ष्य पांच हजार का है। सर्विलांस सेल व इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर संक्रमण का सोर्स तलाशने में अक्षम साबित हो रहे हैं।
बुधवार को एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय ने कलक्ट्रेट स्थित कमांड सेंटर का निरीक्षण किया तो पांच कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने बताया कि अब तक एक ही केस फैसिलिटी में था जो स्वस्थ होकर घर चला गया है।
फरवरी से वैक्सीन की आपूर्ति ठप
कोरोना रोकथाम की कवायदों के बीच अब तक शासन की ओर से वैक्सीन की डोज मुहैया नहीं कराई गई है। जिला प्रतिरक्षिण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक 31 जनवरी के बाद वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हुई है। तमाम लोग तीसरी डोज लगवाने के लिए कार्यालय पहुंच रहे हैं। उन्हें पंजीकृत निजी अस्पताल में पेड वैक्सीनेशन की जानकारी दी जा रही है।
कोरोना जांच को तैयार नहीं हो रहे संदिग्ध मरीज
सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक सीएचसी, जिला अस्पताल, तीन सौ बेड अस्पताल समेत अन्य केंद्रों पर पहुंच रहे संदिग्ध मरीजों में से महज दो या चार लोग ही सैंपलिंग के लिए तैयार होते हैं। किसी पर दबाव नहीं बनाया जा सकता है। हालांकि, उन्हें घर पर आइसोलेट रहने, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का सुझाव दिया जा रहा है।
मझगवां में आठ समेत दस लोग मिले संक्रमित
बुधवार को मझगवां के आठ लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें राधे नगर का व्यक्ति, नौहेरा का छात्र, शहबाजपुर का बुजुर्ग, जैतपुर की आशा वर्कर, मझगांव की गृहणी, बझेड़ा की गर्भवती, पटपड़गंज का युवक, जैतपुर का एक किसान शामिल हैं। इस ब्लॉक में अब तक दो दर्जन से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। इनके अलावा चम्पावत और सिविल लाइंस के दो लोग चपेट में मिले हैं।
एक नजर में
– 33 रैपिड रेस्पॉन्स टीमें सक्रिय
– 1193 ग्राम, 372 शहरी निगरानी समितियां
– 32 सैंपलिंग सेंटर, एप पर 31 सेंटर दर्ज
– 3000 आरटीपीसीआर सैंपलिंग का लक्ष्य
– 2000 एंटीजन सैंपलिंग का लक्ष्य
– 4859 सैंपल की जांच 15 दिन में हुई



