स्ट्रीट लाइट घोटाला : सचिवों के वेतन से होगी वसूली
पीलीभीत। वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगवाने को लेकर हुए घोटाले की शिकायत हुई थी। इसमें तीन सदस्यीय टीम से जांच कराने के बाद डीएम ने नोटिस जारी किए थे। जांच में दोषी पाए गए 152 प्रधानों और 66 सचिवों से रकम की वसूली के आदेश दिए गए थे। एक माह में धनराशि जमा करनी थी, लेकिन तय समय के बाद भी धनराशि जमा नहीं की गई। अब डीएम के आदेश पर सचिवों के वेतन से वसूली होगी। मंगलवार को छह सचिवों को नोटिस भी जारी कर दिए गए।
वर्ष 2013 में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत वित्त आयोग से मिली धनराशि से स्ट्रीट लाइटेंं लगवाने के आदेश हुए थे। इसमें 13 कंपनियों की एलईडी लाइटें खरीदी जानी थीं, लेकिन गांवों में सचिवों ने प्रधानों से मिलीभगत कर तय कंपनियों के बजाय दूसरी कंपनियों से सस्ती लाइटें खरीद कर लगवा दीं और बाकी रकम हड़प ली।
मामले में शिकायत होने पर जांच शुरू कराई गई थी। दो साल से चल रही जांच के बाद जून में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने 152 ग्राम प्रधानों और 66 सचिवों को दोषी पाया। सभी से एक माह के भीतर गबन की गई धनराशि की वसूली के आदेश दिए थे। डीएम के आदेश के बाद भी धनराशि जमा नहीं की गई।
तय अवधि बीतने के बाद मामले का संज्ञान लेकर अब डीएम के निर्देश पर सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। कहा गया है कि अब लाइट घोटाले की आधी धनराशि उनके वेतन से हर माह काटी जाएगी। बाकी धनराशि की वसूली के ग्राम प्रधानों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। इसके साथ ही सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि भी जारी की गई है।
वर्ष 2025 तक पूरी धनराशि किस्तों में जमा की जाएगी। मंगलवार को अमरिया ब्लॉक की बढेपुरा, सिरसा और निसावा के सचिव को नोटिस जारी किया गया। बीसलपुर की ग्राम पंचायत गंगापुर, गजरौला, सजनी, भसूडा एवं कनगमा के पंचायत सचिव और प्रधान को भी नोटिस जारी किया गया है।