रामबेटी की अजब कहानी: 34 वर्ष बाद गांव लौटीं… जमीन पर हो गया कब्जा; बेटा बोला- मां तो मर चुकी है

रामबेटी
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बदायूं से 34 वर्ष पहले लापता हुई महिला अपने गांव लौटी तो उसे पता चला कि कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। काबिज लोगों का कहना है कि जमीन महिला के पति और बेटों ने ही उनके नाम की है। उधर, महिला जिस शख्स को अपना पति बता रही है, उसका बेटा उसे मां मानने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि मां की मौत हो चुकी है। इस महिला का नाम-पता व पति का नाम अलग है। वह जमीन के लालच में उसकी मां बनने की कोशिश कर रही है।
मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव पड़उआ का है। यहां की निवासी बताते हुए महिला ने तीन दिन पहले डीएम को शिकायती पत्र दिया। महिला ने अपना नाम रामबेटी बताया है। रामबेटी के अनुसार, 34 साल पहले परिवार वालों ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया था। तब से वह चंडीगढ़ में रहकर मेहनत-मजदूरी कर रही है। इस बीच पति वेदराम और पिता डल्ली का निधन हो गया।
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गांव में छह बीघा थी जमीन
बेटों का नाम सिपट्टर और भूरे है। गांव में उसकी करीब छह बीघा जमीन थी, जिसमें 13 बिस्वा जमीन का बैनामा वर्ष 1991 में नत्थूलाल के नाम कर दिया था। शेष जमीन की मालकिन वह आज भी है। मगर अब उस पर गांव के रामेश्वर दयाल, दीनदयाल और डालचंद ने कब्जा कर लिया है।