बरेली
इन्हें सपनों के बिखरने का खौफ
दिमाग में कैलकुलेशन और आंखों के सामने ड्रीम. आईआईटी और नीट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स की कुछ ऐसी ही हालत है.कॉम्पिटिशन के इस दौर में कोचिंग इंस्टीट्यूट फैक्ट्री बन गए हैं. यहां कथित तौर पर ब्रेन डेवलप किए जाते हैं. इस डेवलपिंग प्रॉसेस में यूथ मशीन बन जाता है. जहां सिर्फ टार्गेट होता है. टार्गेट का यह दबाव डिप्रेशन और कई बार आत्म हत्या जैसे कदम की तरफ ले जाता है.



