ये है स्मार्ट सिटी का हाल: मुख्य मार्ग चमक गए, गलियों में गड्ढे
बरेली। स्मार्ट सिटी के कामों में भेदभाव हो रहा है। योजना के तहत चुने गए छह वार्डों में 185 करोड़ रुपये खर्च करके मुख्य मार्ग चमका दिए गए। डिवाइडर बन गए। लाइटें लग गईं, लेकिन गलियों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। आवागमन में दिक्कत हो रही है। इन वार्डों के पार्षद कई बार टूटे-फूटे मार्गों का मुद्दा भी उठा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
पार्षदों का कहना है कि पहले कहा गया था कि स्मार्ट सिटी परियोजना में पूरा वार्ड चमक जाएगा। इसीलिए नगर निगम ने काम नहीं कराए, लेकिन स्मार्ट सिटी परियोजना में भी गलियों को ठीक नहीं कराया गया। नतीजा यह है कि इन वार्डों में कई हिस्सों में सड़कें धंसी हुई हैं। नालियां टूटी हैं। जल निकासी न होने से बारिश में मार्गों पर पानी भर जाता है। लोग परेशान हो रहे हैं और अब परियोजना से जुड़े अधिकारी गलियों का काम नगर निगम से होने की बात कह रहे हैं।
ये हैं स्मार्ट सिटी के तहत चयनित वार्ड
गांधी उद्यान, रामपुर बाग, नौमहला (सिविल लाइंस), फाल्तूनगंज, आजमनगर व सिकलापुर।
ये है विभिन्न इलाकों का हाल
1.खुर्रम गौटिया: प्राइमरी स्कूल तक की सड़क धंसी
स्मार्ट सिटी के मुख्य मार्ग से खुर्रम गौटिया प्राइमरी स्कूल के लिए ईंटों की सड़क है। सड़क एक वर्ष से भी ज्यादा समय से धंसी पड़ी है। नालियां टूटी हैं। जरा सी बारिश में जलभराव हो जाता है और आना-जाना मुश्किल होता है।
2–बांसमंडी मार्ग: व्यापारी कर रहे सड़क ठीक होने का इंतजार
एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है। बांसमंडी मार्ग ठीक होने का व्यापारियों को इंतजार है। सड़क खराब होने से स्कूली विद्यार्थी, व्यापारी और ग्राहक सभी परेशान हो रहे हैं।
3-नौमहला क्षेत्र: उम्मीद थी, फिर भी गड्ढा मुक्त नहीं हुई सड़क
नौमहला क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज वाला मार्ग बदहाल है। स्मार्ट सिटी की घोषणा होने पर लोगों को उम्मीद थी कि मार्ग ठीक हो जाएगा लेकिन अभी तक इसे ठीक नहीं कराया गया।
लोगों की बात
नाली और सड़क टूटी है। स्कूल में आने वाले बच्चे परेशान होते हैं। दो वर्ष में कई बार टूटी सड़क का मुद्दा उठा लेकिन हुआ कुछ नहीं। हमें सड़क ठीक होने का इंतजार है।
शशि सिंह, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, खुर्रम गौटिया
विकास भवन के ठीक बगल में आईटीआई है। मैं पढ़ने आता हूं। इस मार्ग पर संभलकर न चलें तो टूटी सड़क में वाहन समेत गिर सकते हैं। मुख्य मार्ग को स्मार्ट बनाने के साथ शिक्षण संस्थाओं को जाने वाले मार्ग भी ठीक किए जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
संदीप कुमार, छात्र, संजय नगर
स्मार्ट सिटी के अंतर्गत प्रमुख सड़कें ही ली गई हैं। उनका काम अंतिम दौर में है। अगर स्मार्ट सिटी के किसी वार्ड में गली टूटी है तो उसे नियमित तौर पर नगर निगम ठीक कराएगा।
सुनील यादव, अपर नगर आयुक्त



