बरेली में जुटे उलमा: किया एलान- समान नागिरक संहिता मुसलमानों को मंजूर नहीं, हर स्तर पर किया जाएगा विरोध

उलमा ने जारी किया मुस्लिम एजेंडा
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उत्तर प्रदेश के बरेली में आला हजरत दरगाह पर उर्स-ए-रजवी के मौके पर उलमा ने रविवार को मुस्लिम एजेंडा जारी किया। देशभर से जुटे उलमा ने एक स्वर से कहा कि समान नागरिक संहिता मुसलमानों को मंजूर नहीं। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत फैलाने वाली राजनीति बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि सरकारों व राजनीतिक दलों को मुसलमानों के प्रति अपने आचरण में बदलाव लाना होगा। भाजपा ने सबका साथ, सबका विकास का नारा तो दिया, लेकिन उत्तराखंड की धामी सरकार ने दो दर्जन से ज्यादा मजारों को तोड़ दिया। सत्ता में रहते कांग्रेस ने भी कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया। प्रदेश में सपा ने भी यही काम किया।
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मौलाना ने संसद में पैगंबर-ए-इस्लाम बिल पास कराने की मांग की। कहा कि जो राजनीतिक दल इस बिल पर सहमत होंगे, 2024 के लोकसभा चुनाव में मुसलमान उन्हीं को वोट देंगे। उलमा ने मुसलमानों को शिक्षा, व्यापार और परिवार पर ध्यान देने की हिदायत दी। सामाजिक बुराइयों की रोकथाम करने व लड़कियों के लिए अलग स्कूल-कॉलेज खोलने की बात कही।



