बारिश का कहर : शहर जलमग्न, सात मकान गिरने से आठ लोग घायल
रामपुर/शाहबाद/सैदनगर। 90 एमएम की बारिश से रामपुर शहर जलमग्न हो गया। गलियों से लेकर घरोंं तक पानी भर गया। लोग घरेलू सामान बचाने के लिए जूझते नजर आए। सड़कों पर जलभराव इतना था कि बाइक व कारें बंद हो जा रही थीं। नाले-नालियां चोक हो गईं, जिसके चलते नालों की गंदगी सड़क पर आ गई। वहीं शाहबाद क्षेत्र में बारिश के चलते पांच मकान गिर गए। इसमें एक महिला समेत दो लोग घायल हो गए। उधर सैदनगर के बहादुरगंज गांव में असलम का कच्चा मकान गिरने से उनकी पत्नी और पांच बच्चे मलबे दबकर घायल हो गए। हालांकि, किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। मिलक खानम के बुढ़नपुर गांव में नत्थूराम का मकान की दीवार गिर गई। हालांकि, हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
सैदनगर के बहादुरगंज गांव निवासी असलम का कच्चा मकान है। वहीं मजदूरी करने दिल्ली गए है। दिनभर हुई बारिश के चलते रविवार शाम को असलम की पत्नी और पांच बच्चे घर में बैठे थे, तभी उनका कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों ने मलबे से असलम की पत्नी शाहिदा, बेटी रमजा, रेशमा, हिब्जा नूर, बेटा अयात अली और हमजा को बाहर निकाला। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। घर में रखा सामान मलबे में दब गया। इसके बार परिवार समेत रिश्तेदार के घर शरण ली। सूचना पर पहुंचे राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मदद का आश्वासन दिया।
वहीं शाहबाद तहसील क्षेत्र के सूपा गांव निवासी किसान भूरा का मकान बारिश के कारण गिर गया। मलबे में जरूरी सामान दब गया और काफी नुकसान हुआ है। गोसमपुर गांव निवासी अब्दुल हसन पेशे से ट्रक चालक हैं। उनके मकान का आधा हिस्सा भी गिर गया। अब्दुल हसन ने बताया कि खपैरल गिरने से उनकी पत्नी शरीफन घायल हो गईं। वहीं दिव्यानगला गांव में सोबरन और जावित्री का मकान गिर गया। इसी गांव में प्रीतम का मकान गिरने से उनके छोटे भाई सतीश (15) घायल हो गए। सूचना मिलने पर एसडीएम सुनील कुमार ने हल्का लेखपालों को मौके पर भेजा।
शहर के कई इलाकों में भरा पानी
रामपुर शहर में बारिश के साथ ही नौ किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं से मौसम सर्दीला हो गया। वहीं शहर के कई निचले इलाको में जल भराव हो गया। गलियां तक लबालब हो गयी। खास बात यह है कि इस दौरान पक्का बाग सरफदल खां, रोशन बाग मोहल्ले में जल भराव होने से घरों के अंदर पानी घुस गया। घरों में रखे सोफे, बिस्तर, कपड़े तक नहीं बच सके। नगर पालिका क्षेत्र, शक्तिपुरम, आवास विकास, रोशनबाग, विकासनगर, लेवर काॅलोनी में भी घरों में पानी भर गया। नालियों का कचरा सड़क पर आने से पैदल चलना मुश्किल हो गया।
आधे-आधे डूब गए थे बिजली के पोल
सुबह से ही बारिश के चलते लोगो को बिजली के पोल डूबने से खतरा सताने लगा। गायत्रीपुरम कालोनी, स्टार चौराहा, नादर बाग समेत कई इलाके की गलियों में पानी भर जाने से यहां लगे बिजली के पोल भी आधे-आधे डूब गए थे। जिस वजह से लोगों को काफी परेशानी हुई है। शहर में डायमंड टाॅकीज निचले हिस्से में है। जिस वजह से यहां पर खड़ी महंगी गाड़ियों के पहिये डूबे नजर आए। रामपुर शहर में रोजाना खुलने वाले ढाबे भी नहीं खुल सके। यहां पर ढाबों के अंदर तक पानी भर गया। यहां पर सड़कों और नदियों का गंदा पानी भी घुस गया। जिस वजह से काफी दिक्कत हो गयी। शहर में रामपुर में सालों के बाद पहली बार डायमंड रोड डूब गया।
रोडवेज वर्कशॉप और रेलवे ट्रैक पर भरा पानी
शहर में सिविल लाइन स्थित गैस एजेंसी और रोडवेज वर्कशाप में भी पानी घुस गया था। जिस वजह से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। वर्कशाप का पानी सड़क तक आ गया था, जिस वजह से बसों के पहिए भी आधे से ज्यादा डूब गए थे। रामपुर में रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर पानी भर गया।
शहर के ये मोहल्ले डूबे
जेल रोड, डायमंड रोड, शाहबाद गेट, पहाड़ी गेट, नगर पालिका क्षेत्र, शक्तिपुरम, आवास विकास, रोशनबाग, विकासनगर, लेवर कालोनी, घेर मियां, घेर नज्जू खां, आवास विकास, पुराना आवास विकास, कलक्ट्रेट परिसर, स्वार रोड स्थित तहसील, रोडवेज, रेलवे स्टेशन।