यूपी बोर्ड : फर्नीचर न सीसीटीवी, फिर भी बना दिए परीक्षा केंद्र

बरेली। यूपी बोर्ड के प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची में ऐसे विद्यालयों को भी केंद्र बना दिया है, जहां पर्याप्त संसाधन ही नहीं हैं। कहीं परीक्षा केंद्रों के बीच की दूरी तय मानक से अधिक है तो कहीं केंद्र मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। अब तक 108 आपत्तियां आ चुकी हैं। हालांकि विद्यालयों को डीआईओएस ने केंद्रों की स्थिति पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
राजकीय इंटर कॉलेज बिशारतगंज के प्रधानाचार्य श्रीराम ने बताया कि उनके विद्यालय की स्थिति काफी खराब है। परीक्षा के लिए मानक पूरे नहीं है और न ही फर्नीचर व स्टाफ की व्यवस्था है। खिड़कियों की जाली टूटी हुई हैं। सीसीटीवी कैमरे और वाॅइस रिकॉर्डर भी नहीं है। इसलिए विद्यालय को केंद्र बनाने पर आपत्ति जताई है।
इस बार जिले में कुल 138 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से कई विद्यालय ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार केंद्र बनाया गया है। यहां तमाम अव्यवस्थाएं हैं। 27 नवंबर तक आपत्तियां भेजी जानी थीं, लेकिन स्कूलों की ओर से अब तक आपत्तियां आ रही हैं। इनके निस्तारण के लिए अभी समय तय नहीं किया गया है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही परीक्षा केंद्रों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कुछ विद्यालयों ने 15 किमी की दूरी पर परीक्षा केंद्र बनाए जाने का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान सुबह लंबी दूरी तय करना परीक्षार्थियों के लिए आसान नहीं है। ऐसे केंद्रों पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। इधर, विभाग का कहना है कि बोर्ड की ओर से 12 किलोमीटर के दायरे में केंद्र बनाए जाने का निर्देश है, लेकिन जरूरत पड़ने पर 15 किलोमीटर की दूरी पर भी केंद्र बनाया जा सकता है।
परीक्षा केंद्र बनाए गए कई स्कूल ऐसे हैं, जिनमें मानक पूरे नहीं हैं। कैमरा, वॉइस रिकॉर्डर आदि की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे स्कूलों को केंद्र बनाने पर भी आपत्ति जताई जा रही है।
अशोक आदर्श पब्लिक स्कूल की ओर से केंद्र न बनाए जाने पर आपत्ति जताई गई है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि वर्ष 2022-23 की परीक्षा में उनके स्कूल को केंद्र बनाया गया था, इस बार नहीं बनाया है। परीक्षा के लिए जरूरी सभी संसाधन स्कूल में होेने के बावजूद स्कूल को परीक्षा केेंद्र नहीं बनाया गया है।
आर्य पुत्री कन्या इंटर कॉलेज को भी इस बार केंद्र नहीं बनाया गया है। विद्यालय प्रबंधन के मुताबिक हर वर्ष विद्यालय को केंद्र बनाया जाता रहा है। बिना किसी अव्यवस्था के बेहतर तरीके से परीक्षा होती है। इस बार भी केंद्र बनाए जाने के लिए प्रत्यावेदन किया है।
वीरांगना अवंतीबाई इंटर कॉलेज कुंवरपुर आंवला का संचालन दो साल पहले ही शुरू हुआ है। वर्ष 2022-23 बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यालय को केंद्र बनाया गया था। इस साल केंद्र नहीं बनाया गया है। विद्यालय की ओर से केंद्र बनाए जाने के लिए प्रत्यावेदन किया गया है।


