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क्या होता है फॉर्म-16 और इनकम टैक्स रिटर्न भरने में ये काम कैसे आता है?

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इनकम टैक्स रिटर्न (इनकम टैक्स रिटर्न) भरने का सीजन शुरू हो गया है और जल्दी ही सैलरीड टैक्सपेयर्स (वेतनभोगी करदाता) को उनके एम्प्लॉयर यानी कंपनी से फॉर्म-16 (फॉर्म-16) बेरोजगार हो गए हैं। इस बार कंपनियां 15 जून से अपने कर्मचारियों को फॉर्म-16 देने की शुरुआत कर देंगी। सैलरीड ब्रोकर्स के लिए फॉर्म-16 काफी अहम दस्तावेज है। इससे उन्हें टैक्स रिटर्न फाइल (आईटीआर फाइलिंग) करने में काफी आसानी हो जाती है। आइए जानते हैं कि यह फॉर्म-16 क्या है और इसकी इतनी अहमियत क्यों है…

यह काम आगंतुकों के लिए अनिवार्य है

फॉर्म-16 रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। इसमें कर्मचारियों को वेतन दिया गया, कर्मचारियों द्वारा दावा किया गया कटौती (कटौती) और नियोक्ता द्वारा काटे गए टीडीएस (टीडीएस) यानी टैक्स डिडक्टेड ऐट (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) की जानकारी है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 203 के तहत यह अनिवार्य कर दिया गया है कि कंपनियां अपने कर्मचारियों को फॉर्म-16 दें, जिनके आय पर टीडीएस की पूरी जानकारी हो।

समय सीमा का इंतजार है

अब जब आज से कंपनियां फॉर्म-16 देने की शुरुआत करेंगी तो जल्द ही आपको भी यह मिल जाएगा। फॉर्म-16 मिल जाने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न भरने में समय नहीं लगाना चाहिए। इस बार इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन (ITR Fileing Deadline) 31 जुलाई है. इसका मतलब यह हुआ कि आप बिना शुल्क के 31 जुलाई 2023 तक आयकर टैक्स रिटर्न भर सकते हैं। डेडलाइन के पास आने का इंतजार करना ठीक नहीं है, क्योंकि कई बार ऐसा देखा गया है कि अंतिम दिनों में पोर्टल पर ट्रैफिक बढ़ने से परेशानी होती है।

अलाउंस की परख लें डिटेल्स

इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले फॉर्म-16 को अच्छे से परख लेना जरूरी है। आप भी अपना रिटर्न फाइल करने से पहले यह काम जरूर करें। यह देख लें कि आपके फॉर्म-16 में अलाउंस आदि का संबंध नहीं है या नहीं। ये हाउस रेंट अलाउंस यानी एचआरए (एचआरए) और लीव स्टोर असिस्टेंस यानी एलटीए (एलटीए) अहम हैं। इसके अलावा आईटमेशन भरने से पहले इन 5 चीजों को चेक करना भी जरूरी है…

इन 5 चीजों पर जरूर ध्यान दें

  • यह देख लें कि आपका पैन नंबर ठीक है या नहीं. अगर यह गलत हुआ तो आप रिफंड (इनकम टैक्स रिफंड) क्लेम नहीं करेंगे।
  • फॉर्म-16 में अपना नाम, पता और कंपनी का टैन नंबर चेक कर लें।
  • फॉर्म-16 के टैक्स डिडक्शंस को फॉर्म-26 एएस और आईएस से निश्चित रूप से करार।
  • यदि आपने पुराना टैक्स रिजीम (पुराना टैक्स रिजीम) चुना है तो टैक्स बचाने वाले डिडक्शंस का विवरण जांच लें।
  • अगर आपने 2022-23 के दौरान नौकरी बदली है तो पुरानी कंपनी से भी फॉर्म-16 जरूर कलेक्ट कर लें।

ये भी पढ़ें: एक से ज्यादा हो फॉर्म-16 तो इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरें? यहां जानिए आसान उपाय


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