कुतुबखाना पुल : रात में कराएं काम… ताकि त्योहारी सीजन में कम हो नुकसान
बरेली। त्योहारी सीजन सिर पर है। कुतुबखाना पुल का अधूरा निर्माण व्यापारियों की चिंता का सबब बना हुआ है। निर्माण एजेंसी ने पहले सुस्ती दिखाई। लापरवाही के चलते दो लोगों को जान गंवानी पड़ी। अब सोमवार को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में निर्माण एजेंसी और व्यापारी आमने-सामने आ गए। कार्यदायी संस्था ने डेढ़ से दो महीने के लिए कोतवाली से कोहाड़ापीर तक आवागमन प्रतिबंधित करने पर जोर दे रही है। व्यापारियों का सुझाव है कि मेट्रो की तर्ज पर रात में निर्माण कराएं। इससे त्योहारी सीजन में उनका व्यापार भी चलता रहेगा।
कुतुबखाना पुल डेढ़ किलोमीटर लंबा बनना है। छोटे-बड़े ढाई हजार से अधिक दुकानदारों और दस हजार से अधिक परिवारों की रोजी-रोटी बाजार से जुड़ी हुई है, लेकिन निर्माण में लगातार देरी हो रही है। फिलहाल ग्राहकों का आना-जाना दुश्वार हो गया है। कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाए गए हैं। बाजार में वाहन से नहीं पहुंच सके। पैदल जाने में भी खतरा है। कारोबार पर संकट छा गया है। दिन में ग्राहक न होने से दुकानदार खाली बैठे रहते हैं। जो कारोबारी बैंक से ऋण लेकर कारोबार कर रहे हैं, उन्हें बैंक की किस्त और बिजली का बिल जमा करना मुश्किल हो रहा है। दुकान के मालिक कर्मचारियों का वेतन समय पर नहीं चुका पा रहे हैं। निर्माण कार्य के चलते एक दिन में 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
कुतुबखाना पुल का निर्माण सितंबर 2022 में शुरू हुआ था। व्यापारियों के मुताबिक पहले मार्च 2023 तक फिर जून 2023 तक काम पूरा करने का दावा किया गया था पर काम नहीं हो सका। अक्तूबर 2023 तक की बात कही गई। अब जो रफ्तार है। इसमें दिसंबर तक भी काम पूरा नहीं होने के आसार हैं। अगर मौजूदा स्थिति बनी रही तो मार्च 2024 तक काम खिंचेगा।
निर्धारित समय पर काम पूरा न करने पर कार्यदायी संस्था को निर्देश पहले ही दिए गए हैं, अगर देरी होती है तो फिर से जुर्माना लगाएंगे। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से कहा गया है कि इस तरह से निर्माण कराएं कि कोई दुर्घटना न हो। – केएन ओझा, महाप्रबंधक, सेतु निगम
हम लोग इस बात का आकलन कर रहे हैं कि रात में काम कराएं तो क्या-क्या परेशानी आएंगी। कितना काम रात में हो सकता है, कितने काम के लिए पूरी तरह से रास्ता बंद करने की जरूरत पड़ेगी। – एमके सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, मंटेना इंफ्रासोल प्राइवेट लिमिटेड
आंबेडकर पार्क में यज्ञ करने पहुंचे गायत्री परिवार के लोग, भीम आर्मी ने जताया विरोध
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– कुतुबखाना पुल के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए हनुमान मंदिर में दी आहुति
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। कुतुबखाना पुल के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए गायत्री परिवार के लोगों ने मंगलवार को आंबेडकर पार्क में यज्ञ शुरू किया। भीम आर्मी ने विरोध जताकर उन्हें वहां से हटवा दिया। इसके बाद साधकों ने सिविल लाइंस के हुनमान मंदिर पहुंचकर आहुति दी।
कोतवाली के सामने आंबेडकर पार्क में गायत्री परिवार के लोग हवन करने पहुंचे थे। उन्होंने मूर्तियां लगाकर वेदी बनाना शुरू ही किया था कि वहां भीम आर्मी के कार्यकर्ता एकत्रित हो गए। उन्होंने पार्क में हवन करने का विरोध किया। आंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति के पदाधिकारी भी आ गए। कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पार्क से पूजन सामग्री हटवाकर पदाधिकारियों को शांत कराया।
माहौल बिगाड़ने की कोशिश
भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष विकास बाबू ने बताया कि जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सुरेंद्र सागर, वेद प्रकाश वाल्मीकि, सुरेंद्र सोनकर, संजीव सागर, राजेश सागर, राजेंद्र गुर्जर, आशीष श्याम, अधिवक्ता विकास बाबू, छोटे लाल माथुर, आकाश सागर, अधिवक्ता विशाल वाल्मीकि, कौशल सागर, चंदन सागर आदि मौजूद रहे।
नौ ग्रहों की शांति के लिए किया हवन
गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक रामबाबू वर्मा ने कहा कि कुतुबखाना पुल के निर्माण में कई बाधाएं आ रही हैं। इसीलिए नौ ग्रहों की शांति के लिए यह यज्ञ किया गया। यज्ञ में पुरोहित पंडित हरिओम गौतम के साथ कवि रोहित राकेश, सुरेंद्र कुमार अग्रवाल, प्रभुदयाल शर्मा, कृष्ण अवतार गौतम व देवकी नंदन पांडेय मौजूद रहे।



