स्ट्रीट लाइट घोटाला : 180 प्रधान और 66 सचिवों पर लटकी तलवार
पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने में घोटाले का खुलासा होने पर जांच के नाम पर करीब एक साल से पत्रावली घूम रही हैं। इसमें दोष सिद्ध होने के बाद 180 प्रधान और 66 सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। अब अधिकारियों का दावा है कि सभी के खिलाफ दस दिन के भीतर कार्रवाई कर दी जाएगी। पत्रावली डीएम के पास भेजने की तैयारी है।
स्ट्रीट लाइट घोटाला को लेकर अमर उजाला ने 25 मई के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार अफसरों ने कार्रवाई को लेकर सफाई पेश करना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद करोड़ों के इस घोटाला में 66 सचिवों और 180 ग्राम प्रधानों के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी की है। इसके लिए अलग-अलग पंचायतों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
पंचायतों में अलग-अलग धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। फाइल सीडीओ और डीपीआरओ के बीच झूल रही थी। दोषियों पर मुकदमा नहीं लिखाया जा रहा था। डीएम ने कार्रवाई के लिए फाइल सीडीओ को भेजी। सीडीओ ने डीपीआरओ को बढ़ा दी। डीपीआरओ जांच के नाम पर टरकाते रहे। अब डीएम की सख्ती के बाद अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
जांच में इस तरह पाई गई थी अनियमिताएं
अब तक जांच के दौरान स्ट्रीट लाइट घोटाले में 249 ग्राम पंचायतों में जांच अथवा सत्यापन अधिकारियों द्वारा 180 ग्राम पंचायत संलिप्त पाई गईं। इन पंचायतों में शासन की ओर से निर्धारित कंपनी से लाइटों को खरीदा नहीं गया था। स्टोर परचेज नियमों का पालन नहीं किया गया। 69 ऐसी ग्राम पंचायत पाई गई जहां केवल स्टोर परचेज का पालन नहीं किया गया। इसको लेकर पूर्व में नोटिस भी जारी किए गए।
स्ट्रीट लाइट घोटाले के मामले में जांच प्रक्रिया के बाद कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसमें 66 सचिव और 180 ग्राम प्रधान पर आरोप तय पाया गया है। उनके विरोध पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। – धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी



