Bareilly News: नए साक्ष्य मिले, एलायंस ग्रुप के निदेशकों और गुर्गों की गिरफ्तारी की राह खुली
बरेली। एलायंस ग्रुप के भूमाफिया निदेशक व उनके गुर्गे अब गिरफ्तारी से बच नहीं सकेंगे। एसएसपी की सख्ती के बाद सुपरसिटी कॉलोनी मामले में पुराने विवेचक की लीपापोती को नए विवेचक सुधार रहे हैं। उन्होंने नए साक्ष्य मिलने का दावा कर कोर्ट से अनुमति ली है। मामले में नए आरोपी और धाराएं बढ़ाई जानी हैं।
सुपरसिटी रेजिडेंशियल सोसायटी के महासचिव सुभाष झा ने वर्ष 2018 में युवराज सिंह समेत एलायंस ग्रुप के अन्य निदेशकों के विरुद्ध बारादरी थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। आरोप था कि एलायंस समूह ने साल 2007 में सुपरसिटी कॉलोनी का निर्माण कराया था। वहां 45 परिवारों को कब्जा दे दिया, लेकिन बैनामा नहीं कराया। तब दरोगा कुलदीप कुमार विवेचना कर रहे थे और उन्होंने केवल युवराज सिंह के खिलाफ ही चार्जशीट लगा दी थी। वादी ने विवेचक की आरोपियों से दोस्ती की शिकायत की। इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच स्थानांतरित कर दी गई। यहां नए विवेचक ने सभी आरोपियों को बचा दिया।
विवेचना जब कोर्ट में दाखिल की गई तो वादी सुभाष झा ने एफआर का विरोध किया। कोर्ट ने एफआर खारिज कर दी। इसके बाद एसएसपी ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह को विवेचना का आदेश दिया। सूत्र बताते हैं कि विवेचक ने भूमाफिया रमनदीप सिंह, अरविंदर सिंह, युवराज सिंह, सतवीर सिंह, अमनदीप सिंह, हनी कुमार भाटिया को आरोपी माना है। धोखाधड़ी का मामला पहले से दर्ज था, अब इसमें फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रयोग करने की धारा भी बढ़ाई जा रही है। इस मामले में उन्होंने कोर्ट से अनुमति भी ले ली है।
केजी कंस्ट्रक्शन के पार्टनरों पर भी शिकंजा
एलायंस ग्रुप के मददगार केजी कंस्ट्रक्शन के पार्टनरों पर भी शिकंजा कस सकता है। वादी सुभाष झा ने बृहस्पतिवार को एडीजी और एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने कहा कि केजी कंस्ट्रक्शन के मालिक एलायंस ग्रुप के पार्टनर हैं। दोनों में अनुबंध है। इसमें साझेदार के रूप में शराब कारोबारी और उसका बेटा भी शामिल है। सभी पक्षों में आपसी लेनदेन होता था, जिसके प्रमाण मौजूद हैं। एलायंस समूह से आर्थिक लेनदेन व साझेदारी में इन लोगों को आरोपी बनाया जाना चाहिए। मामले में एसएसपी ने एसपी क्राइम को जांच सौंपी है।
वर्जन
सुपरसिटी कॉलोनी प्रकरण में केजी कंस्ट्रक्शन के पार्टनरों की संलिप्तता की शिकायत की जांच मिली है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। – मुकेश प्रताप सिंह, एसपी क्राइम



