Bareilly News: लू के लक्षण वाले 60-70 मरीज रोजाना पहुंच रहे ओपीडी
बरेली। दस दिन से तप रहे मौसम और गर्म हवा के थपेड़ों में जरा सी लापरवाही लोगों को गंभीर बीमार बनाने लगी है। डॉक्टरों के मुताबिक, पारा 40 के पार दर्ज होने के बाद से हर दिन 60-70 मरीजों में हीट स्ट्रोक (लू) के लक्षण मिल रहे हैं। लिहाजा, लोगों को तेज धूप होने पर सावधानी बरतने की जरूरत है। हीट स्ट्रोक की चपेट में आने पर तत्काल इलाज न मिलने से हालत गंभीर होने की आशंका जताई है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राहुुल बाजपेई के मुताबिक दिन की तेज गर्मी और शाम को उमस बढ़ने से हीट स्ट्रोक के लक्षण भी मरीजों में मिल रहे हैं। सामान्य अवस्था में शरीर का तापमान अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस होता है। इससे ज्यादा तापमान होने पर शारीरिक गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं। सामान्य प्रभाव होने से इसका पता नहीं चलता। मगर तापमान जब 40 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज होने लगे और गर्म हवाओं से जूझना पड़े तो हीट स्ट्रोक की आशंका रहती है। करीब पांच दिन तक तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक दर्ज होने की स्थिति में लू का प्रकोप हावी होने की आशंका रहती है। हालांकि, अभी लू की स्थिति नहीं है पर भीषण गर्मी लोगों को बीमार बनाने लगी है। अस्पताल में तेज बुखार के साथ पहुंच रहे मरीजों में डिहाइड्रेशन, मतिभ्रम, असामान्य बोलचाल के लक्षण मिल रहे हैं, जो हीट स्ट्रोक के प्राथमिक लक्षण हैं। असामान्य बदलाव पर मरीज को तत्काल भर्ती करने की सलाह दी जाती है।
बच्चों के साथ बड़े भी डायरिया की चपेट में
बच्चा वार्ड में डायरिया के केस बढ़ते जा रहे हैं। फिजिशियन के मुताबिक भीषण गर्मी और उमस में अव्यवस्थित खानपान, तेज धूप में आने-जाने और बाहरी खाद्य सामग्री के ज्यादा सेवन से पाचन क्रिया प्रभावित हो रही है। पिछले दिनों डायरिया की चपेट में ज्यादातर बच्चे ही रहे। अब बड़ों में भी डायरिया के मामले सामने आ रहे हैं। इसमें 45 से अधिक आयुवर्ग के लोग शामिल हैं।
हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
– शरीर का तापमान 104 डिग्री या अधिक होना।
– शरीर निर्जलीकरण और अचानक मतली आना।
– दिल की धड़कन बढ़ना, डायरिया की दिक्कत।
– मानसिक असंतुलन और दौरा पड़ने की स्थिति।
– चक्कर या बेहोशी का अहसास, त्वचा पर चकत्ते।
– तेज सिरदर्द, बातचीत में उलझन और अस्पष्टता।
बरतें सावधानी
– ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
– सिर को टोपी, कपड़े, छाता से ढककर रखें।
– दोपहर 12 से तीन बजे तक धूप में न रहें।
– पानी हमेशा पास रखें। नींबू पानी बेहतर है।
– इलेक्ट्रोलाइट्स की शरीर में कमी न होने दें।
– गर्मी से बेहाल व्यक्ति को बुखार व दर्द की दवा न दें।
– मनमुताबिक दवा देने से हालत बिगड़ सकती है।



