Rampur: 2017 के विस चुनाव में स्वार में प्रयोग हुईं EVM का सत्यापन, हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी विधायकी

2017 के विस चुनाव में स्वार में प्रयोग हुईं EVM का सत्यापन
– फोटो : अमर उजाला
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2017 के विधानसभा चुनाव में स्वार में प्रयोग हुईं ईवीएम का राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेम सिंह ने सत्यापन कराया। पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां की चुनाव याचिका के कारण बाधित इन ईवीएम के भौतिक सत्यापन के लिए सहायक चकबंदी अधिकारी सुभाष कुमार ने पुलिस की मौजूदगी में रजा इंटर कॉलेज स्थित वेयर हाउस की सील खुलवाई।
ईवीएम के सत्यापन के लिए पूर्व मंत्री नवेद मियां के प्रतिनिधि के रूप में काशिफ खां मौजूद रहे। नवेद मियां की ओर से हाईकोर्ट में दायर इस चुनाव याचिका पर अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन शून्य घोषित हुआ था, लेकिन ईवीएम सत्यापन के लिए उनके प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। भारतीय जनता पार्टी की ओर से जिला मंत्री प्रदीप गुप्ता यहां मौजूद रहे, जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस के प्रतिनिधि भी नजर नहीं आए।
वेयर हाउस की सील खोले जाने के बाद गेट का कुछ हिस्सा दीमक से क्षतिग्रस्त होने की सूचना नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेम सिंह की दी, जिसके बाद गेट की मरम्मत कराकर वेयर हाउस को दोबारा सील कर दिया गया।
2017 में अब्दुल्ला ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था। मेरी चुनाव याचिका पर प्रयागराज हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए माना था कि निर्वाचन के समय अब्दुल्ला की आयु 25 साल से कम थी। तब न्यायालय से मुझे इंसाफ मिला था। हाईकोर्ट ने इस निर्वाचन को रद्द कर दिया था। जिन ईवीएम का भौतिक सत्यापन कराया गया है वो इसी चुनाव में प्रयोग हुई थीं।
नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां, पूर्व मंत्री

