Rampur News: बेसिक स्कूलों के 380 भवन जर्जर
रामपुर। जिले के बेसिक स्कूलों के भवन जर्जर हालत में हैं। बारिश के मौसम में इनके गिरने का खतरा है। जिले में ऐसे स्कूलों की संख्या 380 है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने इन भवनों का मूल्यांकन कर भवन को जर्जर घोषित किया। भवनों का तीन-तीन बार मूल्यांकन भी हुआ लेकिन मूल्यांकन अधिक रहने से जर्जर भवनों के मलबे को खरीदने के लिए खरीदार नहीं मिले। इस कारण 60 भवन आज भी जर्जर खड़े हैं।
जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 1599 स्कूल हैं। इनमें 380 बेसिक स्कूल में भवन जर्जर घोषित हुए हैं। बीते वर्ष इनमें से 240 स्कूलों का सत्यापन पूरा कर 216 भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के आदेश किए गए थे। इनमें से 156 भवनों का नीलामी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण हो चुका है। 60 भवन अभी भी जर्जर हालत में हैं।
बारिश के मौसम में इन भवनों ने इनमें पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों की जान पर आफत बनी हुई है। बीएसए संजीव कुमार ने साफ निर्देश दिए हैं कि जर्जर भवनों के नीचे बच्चों की कक्षाएं न लगाई जाएं। विकास खंड चमरौआ, शाहबाद, मिलक और स्वार में कई स्कूल जर्जर हालत में हैं। बारिश के मौसम में इन भवनों के गिरने का खतरा बना हुआ है। बीएसए ने जर्जर भवनों की रिपोर्ट तलब की है।
तीन-तीन बार हुआ है मूल्यांकन
इन जर्जर भवनों का तीन-तीन बार मूल्यांकन हुआ है लेकिन नीलामी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खरीदार नहीं मिले। मूल्यांकन अधिक होने की वजह से कोई भी खरीदार जर्जर भवनों की नीलामी में शामिल नहीं हुआ। जिस कारण 60 स्कूलों में जर्जर भवन खड़े हुए हैं और प्रक्रिया अधर में लटकी है।
जर्जर भवनों का मूल्यांकन अधिक होने की वजह से नीलामी नहीं हो सकी है। ऐसे में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से जर्जर भवनों की रिपोर्ट दोबारा से तलब की है। फिलहाल जर्जर भवनों में कक्षाएं न संचालित करने का आदेश जारी किया है। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, रामपुर

