Pilibhit News: गोआश्रय स्थल में दो और गोवंश ने दम तोड़ा

बुधवार के अंक में प्रकाशित खबर ।
– बीडीओ के पहुंचने से पहले ही गड्ढा खोदकर दबा दिए शव, मरने वाले गोवंश की संख्या हुई दस
– जांच के लिए पहुंचे बीडीओ ने दिए कई निर्देश, नाराजगी व्यक्त की
संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। माधोटांडा के परशुरामपुर गोआश्रय स्थल में दो और गोवंश ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही यहां मरने वाले गोवंश की संख्या 10 हो गई। एक गाेवंश की हालत अब भी नाजुक है। लापरवाही छिपाने के लिए अफसरों के पहुंचने से पहले गड्ढा खोदकर शवों को दबा दिया गया। इधर, जांच के लिए पहुंचे बीडीओ ने अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी व्यक्त की और कई निर्देश दिए।
माधोटांडा ग्राम पंचायत के मौजा परशुरामपुर में स्थित गोआश्रय स्थल की क्षमता 60 गोवंश की है। 20 दिन पहले यहां पशुओं की संख्या बढ़कर 70 पहुंच गई। क्षमता से अधिक गोवंश की जिम्मेदारी दो केयर टेकर पर है। गाेआश्रय स्थल का हाल यह है कि खाने को हरा चारा और चोकर की व्यवस्था नहीं है। गोवंश को केवल सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। जिसके चलते ही यहां 20 दिनों में 10 गोवंश की मौत हो चुकी है।
मंगलवार रात दो और गोवंश ने दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह अफसरों के पहुंचने से पहले ही परिसर में गड्ढा खोदकर शवों को दबा दिया गया। बुधवार को दोपहर बाद बीडीओ अरुण कुमार सिंह गोआश्रय स्थल पहुंचे। हकीकत को परखा तो नांद में सूखा भूसा मिला। चोकर की व्यवस्था भी नहीं मिली। इसपर उन्होंने केयर टेकर से नाराजगी जताई।
मौजूद चिकित्सक ने बीमार होने के चलते इलाज के दौरान गोवंश की मौत होने की बात कही। इसके अलावा बीडीओ ने सचिव धर्मेंद्र और प्रधान नईम अली को गोआश्रय स्थल के खाली पड़ी जमीन पर तत्काल हरा चरा लगाने के निर्देश दिए।
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दो और केयरटेकर बढ़ाने के दिए निर्देश
गोआश्रय स्थल पर अव्यवस्थाएं हावी देख बीडीओ काफी नाराज हुए। 60 गोवंश वाले गोआश्रय स्थल पर दो केयरटेकर ही तैनात मिले। इसपर उन्होंने दो और केयर टेकर तैनात करने के सचिव को निर्देश दिए।
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सचिव से लेकर चिकित्सक तक की जिम्मेदारी तय की गई है। बीमार गोवंश के नियमित इलाज के साथ रिपोर्ट भेजने की हिदायत दी गई है। हरा चारा समेत अन्य सभी इंतजाम में कमी न आने पाए इसके भी निर्देश दिए गए हैं।
– अरुण कुमार सिंह, बीडीओ, पूरनपुर
परशुराम गो-आश्रय स्थल पर जांच के लिए बीडीओ पूरनपुर और पशु चिकित्साधिकारी को भेजा गया था। यहां पर 60 पशु संरक्षित होने की बात कही गई है। दो पशुओं की मौत 6 अगस्त और दो पशुओं की आठ अगस्त को हुई है। एक गाय बीमार है उसका इलाज चल रहा है। पोस्टमार्टम में पशुओं के अत्यंत वृद्ध होने की पुष्टि हुई है।
– धर्मेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ/ नोडल अफसर

बुधवार के अंक में प्रकाशित खबर ।



