Budaun News: जल्द ही गंभीर कुपोषित बच्चों का तहसीलों में भी हो सकेगा इलाज
हर तहसील में बनेगा एनआरसी, मिलेगा बेहतर इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिला अस्पताल के साथ अब तहसील स्तर पर भी कुपोषण की सैम कैटेगरी के बच्चों को इलाज मिल सकेगा। इसके लिए उनको जिला अस्पताल में बनी एनआरसी में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जिले में 24000 सामान्य कुपोषित, 7200 अति कुपोषित बच्चे हैं। जबकि 3200 बच्चे सैम (कुपोषण की गंभीर चिकित्सीय अवस्था) कैटेगरी के हैं। सैम बच्चों को एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में इलाज मुहैया कराया जाता है, लेकिन जिले में केवल जिला अस्पताल में ही पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) स्थापित है। यहां भी केवल 10 बेड उपलब्ध है। ऐसे में सैम कैटेगरी के बच्चों को बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अब सैम कैटेगरी के बच्चों के इलाज के लिए प्रत्येक तहसील में एनआरसी स्थापित करने जा रहा है। जिससे वहां पर ऐसे बच्चों को भर्ती कर उनका बेहतर ढंग से इलाज किया सके।
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जिला अस्पताल में भी बढ़ेगी बेड की क्षमता
जिला अस्पताल में बने एनआरसी में अभी 10 बेड ही क्षमता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इनकी संख्या भी दोगुनी की जाएगी ताकि यहां पर भी ज्यादा बच्चोें को एक साथ बेहतर इलाज मिल सके।
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10 बेड पर थे 11 बच्चे थे भर्ती
जिला अस्पताल के एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में रविवार को 10 बेड पर 11 बच्चे भर्ती थे। तीन दिन भर्ती रहने के बाद इनमें से तीन बच्चों के परिजन उन्हें वापस घर ले गए। ऐसे में दो बेड खाली हो गए। ऐसे में यहां लाइन में लगे तीन बच्चों को भर्ती कराया गया।
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जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में अभी 10 बच्चों का इलाज किया जाता है। जबकि सैम कैटेगरी के बच्चों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में कई बार पोषण पुनर्वास केंद्र के बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ता हैं। तहसील स्तर पर भी पोषण पुनर्वास केंद्र बन जाने से बच्चों को काफी राहत मिलेगी।
-प्रमोद कुमार सिंह, डीपीओ