Rampur News: पिछड़ेपन के अंधेरे में जलाया शिक्षा का दीपक
रामपुर। शहर की सामाजिक संस्थाएं ज्ञान के उजाले से पिछड़ेपन का अंधेरा दूर कर रही हैं। इन संस्थाओं से जुड़े शिक्षक मलिन बस्तियों में जाकर कूड़ा बीनने वालों के हाथों में कलम थमा रहे हैं। बच्चों को शिक्षा का महत्व और उससे जीवन में होने वाले बदलाव के बारे में बता रहे हैं। कई बार शिक्षकों को अभिभावकों का विरोध भी सहना पड़ता है, लेकिन वे अपना शिक्षक धर्म निभा रहे हैं। शिक्षक दिवस के मौके पर हम ऐसी ही संस्थाओं के बारे में बता रहे हैं, जो बच्चों के जीवन में ज्ञान का दीपकर जला रही हैं।
एक हजार से ज्यादा बच्चों को कर चुके शिक्षित
मदद एक आस संस्था से जुड़े शिक्षक हर घर पाठशाला अभियान के तहत ऐसे बच्चों को क…ख…ग… सिखा रहे हैैं, जो स्कूल नहीं जाते हैं। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतीक शर्मा बताते हैं कि संस्था ने कई गरीब परिवारों के बच्चों को चिह्न्ति किया। इनमें मेहनत मजदूरी करने वाले या कूड़ा बीनने वाले बच्चे हैं। इनके घरों के नजदीक कक्षाएं लगवाईं। अब तक संस्था एक हजार से अधिक बच्चों को शिक्षित कर चुकी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा की लौ जलाने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
युवाओं ने बढ़ाए कदम
शहर के कुछ युवाओं ने मिलकर सृजन एक प्रयास नाम से संस्था बनाई। इस संस्था से जुड़े शिक्षक राकेश विश्वकर्मा, राशि सक्सेना और अमित अग्रवाल शहर के राधा-कृष्ण मंदिर में बच्चों को नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं। बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी व गणित का ज्ञान दिया जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष विशाल अग्रवाल ने बताया कि कई बार अभिभावक विरोध भी करते हैं, लेकिन शिक्षकों के प्रयास से बच्चे पढ़ने पहुंचते हैं।
– प्रतीक शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, मदद एक आस फाउंडेशन।
– मलिन बस्तियों में पहुंचकर बच्चों को चिह्न्ति किया और उनके लिए कक्षाएं शुरू कराईं। अभी 50 के करीब बच्चे पढ़ने पहुंच रहे हैं। आने वाले समय में विस्तार करते हुए शहर के हर मोहल्ले में कक्षा लगाई जाएंगी।
-विशाल अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सृजन एक प्रयास संस्था।