उर्स-ए-रजवी: बरेली में उमड़ा जायरीनों का सैलाब, दूसरे दिन उलमाओं ने युवाओं को दिया ये पैगाम

उर्स में उमड़े जायरीन
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बरेली में आला हजरत के उर्स में जायरीनों का सैलाब उमड़ा है। देश-विदेश से हजारों जायरीन समेत उलमा बरेली आए हुए हैं। उर्स के दूसरे दिन इस्लामिया मैदान में सोमवार सुबह आठ बजे अंतरराष्ट्रीय आपसी सौहार्द कॉन्फ्रेंस का आयोजन दरगाह प्रमुख हजरत मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की सदारत में किया गया। इसमें विश्वभर के उलमा ने शिरकत की।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का आगाज कारी रिजवान रजा ने तिलावत-ए-कुरान से किया। मुफ्ती आसिफ मंजरी ने उलमा व मस्जिदों के इमामों से अपील करते हुए कहा कि जुमे की नमाज के खुतबे में आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने, नफरत मिटाने और शरई दायरे में रहकर आपसी भाईचारे मजबूत करने पर जोर दें।
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मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के वरिष्ठ मुफ्ती सलीम नूरी ने इस्लाम और शांतिवाद व मानवतावाद पर कहा कि इस्लाम अमन-ओ-शांति का मजहब है। यही वजह मुसलमान शरीयत पर अमल करने के साथ-साथ अपने मुल्क के संविधान पर भी चलता है। मुल्क भर में इस्लाम की अमन पसंद सुन्नी सूफी विचारधारा गैर मुस्लिम तक पहुंचाए। मजहब व समाज विरोधी गतिविधियों से मुस्लिम युवकों खुद को दूर रखें। उन्होंने युवकों से नशाखोरी जैसी बुराई से दूर रहते हुए तालीम (शिक्षा) हासिल करने पर जोर दिया।



