Rampur: आजम खां बोले- शाह आयोग की कार्रवाई ने इंदिरा गांधी को दे दी थी नई जिंदगी

आजम खां
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सपा नेता आजम खां ने कहा है कि इसमें कोई शक नहीं है कि इंदिरा गांधी देश की सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने एक मुल्क के दो टुकड़े कर दिए थे। आपातकाल उनकी गलती थी। लेकिन शाह आयोग की कार्रवाई ने उनको नई जिंदगी दे दे थी। देश में उस वक्त नया-नया टेलीविजन आया था। इंदिरा गांधी जब शाह आयोग की सुनवाई के लिए सफेद साड़ी पहनकर पहुंचतीं थीं तो पूरे हिन्दुस्तान के लोगों के आंखों में आंसू होता था।
आजम खां शुक्रवार की रात नरपतनगर में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गलती करने वाले भूल जाते हैं कि इसका नतीजा क्या होगा। इंदिरा गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या हुई। बहुत बुरा हुआ। किसी भी मुल्क में जहां कानून का राज हो वहां चाहे वो इंदिरा गांधी हों या कोई अदना सा आदमी, इस तरह की घटना को सही नहीं ठहराया जा सकता है। इंदिरा गांधी की हत्या एक वजीरे आजम की, एक मां की, एक बेटी की हत्या नहीं थी, बल्कि निजामे जम्हूरी का कत्ल था। इसका नतीजा क्या हुआ, लोगों का जन सैलाब उमड़ आया और राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने। राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। लेकिन वो प्रधानमंत्री बने, ऐसे प्रधानमंत्री जिसके पास लोकसभा में सबसे अधिक एमपी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अंग्रेज हिन्दुस्तान से जाना नहीं चाहते थे। दिल्ली का कनॉट प्लेस और लखनऊ का हजरतगंज उन्होंने हिन्दुस्तान से जाने के लिए नहीं सजाया था। राष्ट्रपति भवन यहां से जाने के लिए नहीं बनवाया था। लेकिन उनको यहां से भगाया किसने, एक लाठी वाले ने। जिसे हम लोग बाबा-ए-कौम के नाम से जानते हैं। उस बापू के खून के छींटे भी इस देश पर हैं। उनके आखिरी शब्द क्या थे -हे राम। आज राम के नाम पर क्या हो रहा है। नफरत फैलाने वालों को यह पता नहीं है कि टीपू सुल्तान का कत्ल करने के बाद अंग्रेजों ने उनकी जो अंगूठी उतारी थी उस पर क्या लिखा हुआ था। यह अंगूठी आज भी ब्रिटेन की म्युजिम में रखा हुआ, कोई भी देख सकता है। उस पर लिखा हुआ राम।

