कुतुबखाना पुल: रास्ता बंद करने के विरोध में उतरे व्यापारी, हंगामा
बरेली। कुतुबखाना पुल का निर्माण समय पर पूरा कराने के लिए निर्माण स्थल पर आवागमन पूरी तरह ठप किया जाना जरूरी है। इसको लेकर शनिवार को कोतवाली में आयोजित दूसरी बैठक भी हंगामे की भेंट चढ़ गई। व्यापारियों ने कार्यदायी संस्था मंटेना इंफ्रासोल के उस प्रस्ताव का विरोध किया जिसमें पिलर संख्या 26 से 39 के बीच 31 अक्तूबर तक आवागमन ठप करने का आग्रह किया गया है।
व्यापारियों ने बताया कि पुल बनाने के लिए वह कार्यदायी संस्था को 16 घंटे दे सकते हैं। आठ घंटे उन्हें अपने कारोबार के लिए चाहिए। सुबह 10 से शाम छह बजे तक वह कोई व्यवधान नहीं चाहते। अगर कोई जोर-जबरदस्ती की गई तो मुखर होकर उसका विरोध करेंगे। दो घंटे तक चली बैठक में व्यापारियों ने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर पर कई आरोप लगाए। कई मौके तो ऐसे आए जब संस्था के प्रोजेक्टर मैनेजर एमके सिंह जवाब नहीं दे सके।
बैठक में प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी सौरभ दुबे, नगर मजिस्ट्रेट रेनू सिंह शामिल रहे। उनके सामने प्रोजेक्ट मैनेजर की ओर से दिए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर कार्यस्थल पर आवागमन रोका जाता है तो वह 15 दिसंबर तक काम पूरा कर देंगे। व्यापारियों ने इस पर यकीन नहीं किया। उन्होंने कहा कि सितंबर 2022 में काम शुरू हुआ। जून 2023 में काम पूरा होना था लेकिन अभी तक नहीं हो सका।
जो समय सीमा ली थी, वह बार-बार गुजरी पर एक्सटेंशन मिलता रहा। अब दिसंबर तक की बात कही जा रही पर काम की सुस्ती को देखकर ऐसा नहीं लगता कि मार्च 2023 तक भी काम पूरा हो पाएगा। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने जब साइट खाली नहीं मिलने की बात कही तो व्यापारियों ने कहा कि इन्होंने कदम-कदम पर लापरवाही की। इसलिए देरी हुई। दो लोगोंं की जान गई। प्रोजेक्ट मैनेजर जवाब देने के स्थान पर चुप रहे। अंतत: अफसरों ने कहा कि व्यापारियों के सुझाव मंडलायुक्त के समक्ष रखेंगे। तभी कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
व्यापारियों ने की नारेबाजी
बैठक से बाहर निकले व्यापारियों ने कुतुबखाना बाजार में नारेबाजी की। बोले- मनमानी सहन नहीं करेंगे। नारेबाजी कर रहे व्यापारियों ने बताया कि त्योहार सिर पर हैं। बाजार बंद कराने का कोई औचित्य नहीं है। रौनक जोली ने कहा कि अगर व्यापारियों को दबाया गया तो व्यापारी समाज बरेली बंद करके विरोध करेगा। व्यापारी दीपक अग्रवाल अमित खनेजा, गिन्नी पाहवा, श्याम बाबा, विनय अरोड़ा, नवनीत सिंह, कुलवीर सिंह, विवेक देवल, रवि अरोड़ा व कृष्ण अग्रवाल आदि थे।



