Pilibhit News: आ गए गर्डर… नए साल में शुरू हो जाएगा टनकपुर- पीलीभीत ओवरब्रिज

ओवरब्रिज के निर्माण के लिए आए गाडर । संवाद
पीलीभीत। शहरवासियों के लिए खुशखबरी है। नए साल में उन्हें बाइपास की सौगात मिल जाएगी। टनकपुर से पीलीभीत की तरफ आ रहे बाइपास पर खटीमा की तरफ बन रहे रेल उपरिगामी पुल के गर्डर अब आ गए हैं। यहां पिछले करीब एक साल से गर्डर के न आने के कारण काम रुका हुआ था। गर्डर पड़ने के साथ ही बाइपास पर गौहनिया क्राॅसिंग से आगे माधोटांडा रोड तक नए साल से आवागमन शुरू हो जाएगा।
शहर के अंदर टनकपुर हाईवे पर लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बाइपास को बनाया गया है। बाइपास डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हो चुका है। इसके शुरू होने में रेलवे का पेंच फंसा हुआ था। रेलवे लाइन के ऊपर रेलवे के गर्डर न होने से काम बीते करीब एक साल से ठप पड़ा हुआ था।
बता दे कि बाइपास पर खटीमा की तरफ पीलीभीत- टनकपुर रेलखंड पर 24.90 करोड़ रुपये से 7.50 मीटर लंबा सेतु बनाया जा रहा है। सेतु का काम जुलाई 2019 में शुरू किया गया था। काम पूरा होने की अवधि मार्च 2023 थी। सेतु निगम की ओर से अपना काम पूरा करा दिया गया। महज रेलवे लाइन के ऊपर का ही काम शेष बचा था।
यहां पर रेलवे की ओर से आने वाले गर्डर को लगाया जाना था। कार्यदायी संस्था की ओर से एक साल पहले रेलवे को पत्राचार कर गर्डर भेजने की मांग की गई। गर्डर नहीं आए। ऐसे में रेलवे के ऊपर के हिस्से का काम अधूरा पड़ा रहा। बीते माह रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गर्डर का डिजाइन सही नहीं बन सका है इस कारण गर्डर आने में विलंब हो रहा है।
अब रेलवे की ओर से गर्डर को भेज दिया गया है। गर्डर को रखने के लिए जल्द ही टीम यहां पर आएगी। संभावना जताई जा रही है कि इस माह के अंत तक काम शुरू कर दिया जाएगा। नए साल में इस सेतु से लोग फर्राटा भरने लगेंगे।
पीलीभीत- पूरनपुर ओवरब्रिज पर अभी बंद है काम
यहां बता दें कि पीलीभीत-टनकपुर बाइपास में दो ओवरब्रिज पड़ रहे हैं। इसमें पहला ओवरब्रिज असम रोड से माधोटांडा रोड को जोड़ता है। यहां ओवरब्रिज पर रेलवे की तरफ से अभी काम बंद पड़ा है। इसी बाइपास पर आगे जाकर खटीमा की तरफ दूसरा रेलवे ओवरब्रिज है। इस पर भी गर्डर की वजह से काम अधूरा पड़ा है लेकिन अब इसके गर्डर आ गए हैं। यहां गर्डर पड़ने पर गौहनिया क्राॅसिंग के आगे माधोटांडा रोड से टनकपुर तक इस बाइपास से करीब आठ किलोमीटर का रास्ता शुरू हो जाएगा।
रेलवे की ओर से गर्डर भेज दिए गए हैं। अब उनको पुल पर रखवाना शेष है। पुल पर गर्डर रखने के बाद शेष काम शुरू कर दिया जाएगा जो नवंबर में पूरा हो जाएगा। नए साल में बाइपास पर आवागमन शुरू हो जाएगा।
– बिजेंद्र कुमार, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम

ओवरब्रिज के निर्माण के लिए आए गाडर । संवाद