बिलपुर क्रॉसिंग: आरओबी के टेंडर हुए पर फंस सकता है ड्राइंग का पेच
बरेली। बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए टेंडर हो गए पर ड्राइंग को लेकर पेच फंस सकता है। सेतु निगम की प्रस्तावित ड्राइंग पर रेलवे की मंजूरी नहीं मिली। अब दूसरी ड्राइंग भेजने की तैयारी है।
सेतु निगम की ओर से 31 अक्तूबर को टेंडर खुल गए हैं। दो फर्मों ने टेंडर डाले हैं। दो-तीन दिन में टेंडर फाइनल हो जाएंगे, लेकिन निर्माण तभी शुरू हो पाएगा जब रेलवे की ओर से ड्राइंग का अनुमोदन मिल जाए। इसमें जितनी देरी होगी, पुल के निर्माण उतनी ही देरी से शुरू हो पाएगा। सेतु निगम ने मंजूरी से पहले काम शुरू कराने के लिए आदेश देने से इन्कार किया है। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि मुरादाबाद स्थित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों से मिलकर ड्राइंग की मंजूरी के लिए बातचीत की है।
बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर 81 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है। टेंडर से चयनित फर्म ही ड्राइंग तैयार करेगी। रेलवे के अफसर उसी ड्राइंग को अंतिम रूप देंगे।
इस क्रॉसिंग से होकर रोज 140 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं और करीब 12 घंटे फाटक बंद रहता है। 10 वर्ष से आरओबी की मांग हो रही है पर वित्तीय स्वीकृति 27 मार्च को मिली थी। 31 मार्च 2023 को वित्तीय वर्ष समाप्त होने की वजह से बजट सरेंडर करना पड़ा था। जुलाई में दोबारा वित्तीय स्वीकृति मिली और सेतु निगम के मुख्यालय को 15.75 करोड़ रुपये मिले।



