एक ‘मां’ ऐसी भी: लावारिस बच्चे की खातिर अपनों से भिड़ी, उसे पाने के लिए तोड़ा कानून; अब जेल में पहुंची

इकबार सिंह और अनुचंद्रा
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली में लावारिस मिले बच्चे आरुष के प्यार की खातिर पूर्व सिपाही इकबाल सिंह और अनुचंद्रा ने अपना जीवन अपराध के दलदल में फंसा लिया। अनु ने तो अपनों से भी विरोध मोल ले लिया। घर छोड़कर बच्चा पालने वाली संस्था में रही। …और अब सलाखों के पीछे पहुंच गई। उसके पकड़े जाने पर यही चर्चा होती रही कि आरुष को लेकर दोनों का प्यार सच्चा था, लेकिन तरीका गैरकानूनी है। बच्चे से दूर होने के गम में दोनों आंसू बहाते रहे।
अनाथ बच्चों को पालने वाली बॉर्न बेबी फोल्ड संस्था से सवा दो साल पहले आरुष को अगवा कर लिया गया था। आरुष को पुलिस ने शनिवार को तलाश कर लिया। केयरटेकर अनुचंद्रा उसे ले गई थी। अनु के प्रेमी पूर्व सिपाही इकबाल सिंह ने मदद की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पूछताछ में अनु ने बताई पूरी कहानी
एएचटीयू प्रभारी हरवीर सिंह और उनकी टीम ने अनु चंद्रा व इकबाल सिंह से कोतवाली में लंबी पूछताछ की। उन्होंने बताया कि आरुष करीब छह साल पहले लावारिस हालत में जिला अस्पताल पहुंचा था। किला थाने के मोहल्ला खन्नू निवासी अनुचंद्रा के भाई और भाभी के पास कोई बच्चा नहीं था। उन्होंने किसी तरह बिना लिखा-पढ़ी के आरुष को हासिल कर लिया। आरुष घर पर कथित माता-पिता के बजाय बुआ अनु से ज्यादा मिल गया।
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