के.सी.एम.टी. कैंपस – 2 में किया गया गाँधी जयंती, लाल बहादुर शास्त्री जयंती व अहिंसा दिवस के उपलक्ष् में ‘अहिंसा परमो धर्मः’ कार्यक्रम का आयोजन ।
अहिंसा परमो धर्मस्तथाहिंसा परं तपः । अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते ॥ अहिंसा परमो धर्मस्तथाहिंसा परो दमः । अहिंसा परमं दानमहिंसा परमं तपः ॥
दिन मंगलवार को पी.जी.ऑफ़ मैनेजमेंट केसीएमटी कैंपस – 2 में गाँधी जयंती लाल बहादुर शास्त्री जयंती तथा अहिंसा दिवस के उपलक्ष् में ‘अहिंसा परमो धर्मः’ कार्यक्रम का आयोजन किया | कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती जी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण के साथ किया गया । माँ सरस्वती के साथ ही महात्मा गाँधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की फोटो पर भी माला अर्पित कर, उनका नमन किया गया | कार्यक्रम में महविद्यालय की प्राचार्य डॉ प्रवीण रस्तोगी, महविद्यालय के डीन डॉ रविजीत सिंह , विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा समस्त शिक्षक उपस्थित रहे |

कार्यक्रम से पूर्व ‘अहिंसा परमो धर्मः’ शीर्षक के अन्तर्गत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के समस्त विभागों के छात्रों ने प्रतिभाग किया | कार्यक्रम के अन्तर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 50 प्रतिभागियों ने अपने अपने विचार रखे | भाषण प्रतियोगिता में प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विचार रखने के लिए 3 मिनट का समय दिया गया।

महाविद्यालय के डीन डॉ ravijeet सिंह जी ने छात्रों को बताया कि गांधी जी का आदर्श वाक्य ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ था। गांधी जी कभी किसी को जात-पात से तोलकर नहीं देखते थे, उनके लिए हर व्यक्ति बराबर था। हम सभी को गाँधी जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए तथा उनके सिद्धांतों का अपने जीवन में पालन करना चाहिए |

महाविद्यालाय की प्राचार्य डॉ प्रवीण रस्तोगी ने बताया की महात्मा गांधी के विचार सत्य और अहिंसा के महत्व को बहुत ही महत्वपूर्ण रूप से उजागर करते हैं। उन्होंने यह मान्यता रखी कि सत्य और अहिंसा मानव जीवन के मूल और आधार हैं। वे मानते थे कि सत्य और अहिंसा ही मानव जाति के लिए एकमात्र मार्ग है। उनके अनुसार इनके पालन से ही समाज के सुधार और विकास का मार्ग खुल सकता है। गांधी जी के सत्य और अहिंसा के विचारों ने दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित किया है। उनके विचारों ने कई सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों को प्रेरित किया है। गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और वे हमें एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम में बी.एड. के छात्रों के द्वारा एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गयी, जिसके माध्यम से सभी छात्रों को भाईचारे का संदेश दिया गया | पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बी.एड. विभाग से प्रथम स्थान पर अंशी शाक्या , द्वितीय स्थान पर अरविंद कुमार तथा साधना गंगवार तृतीय स्थान पर रहीं | अन्य विभागों से जूली कश्यप ( बी.टेक.) प्रथम स्थान पर, नैना सक्सेना (बी.टेक.) द्वितीय स्थान पर तथा खुशी सक्सेना (बी.टेक.) ने तृतीय स्थान पर रहकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया |
भाषण प्रतियोगिता में बी.एड. विभाग से प्रथम स्थान पर अंशी शाक्या , द्वितीय स्थान सलोनी गंगवार पर तथा तृतीय स्थान दीक्षा श्रीवास्तव पर रहीं | अन्य विभागों से गरिमा (बी.एस.सी.) प्रथम स्थान पर, प्रभात ( बी.बी.ए.) द्वितीय स्थान पर तथा युसरा खान ( पॉलीटेकनिक्) ने तृतीय स्थान पर रहकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया | कार्यक्रम के अंत में सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरुस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया |




