Bareilly News: व्यवस्था धड़ाम… जगह-जगह जाम
बरेली। उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के पहले दिन ही व्यवस्था धड़ाम हो गई। अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के बाद भी जंक्शन, सेटेलाइट और पुराना बस अड्डे पर मारामारी की स्थिति रही। शहर में तमाम स्थानों पर लोगों को जाम से भी जूझना पड़ा। परीक्षा के मद्देनजर रोडवेज ने 300 बसों को आरक्षित करने का दावा किया था जो हवा-हवाई साबित हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने भी शहर में तीन प्रमुख जाम प्वाइंट चिह्नित कर वहां यातायात निरीक्षक की तैनाती की थी, लेकिन सारी व्यवस्था नाकाम रही।
परीक्षा के लिए रविवार रात से अभ्यर्थियों के शहर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पहली पाली में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली में अपराह्न 3 से शाम 5 बजे तक परीक्षा हुई। दोपहर 12 बजे तक हालात सामान्य रहे। जैसे ही पहली पाली की परीक्षा छूटी, शहर की सड़कों के साथ जंक्शन, सेटेलाइट और पुराना बस अड्डे पर भीड़ बढ़ने लगी।
इस दौरान दूसरी पाली में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का भी आना भी जारी रहा। शहर में कई स्थानों पर ऑटो, ई-रिक्शा के कारण जाम की स्थिति बन गई। श्यामगंज चौराहे पर दोपहर 12 बजे से शाम तक जाम की समस्या बनी रही। अभ्यर्थियों को बसों के इंतजार में भटकना पड़ा।
सेटेलाइट और पुराना बस अड्डे के आसपास ऑटो, ई-रिक्शा का जमावड़ा और बसों की संख्या ज्यादा होने के कारण वाहन जाम में फंस गए। नावल्टी चौराहा, सिकलापुर, डोहरा मोड़, अलखनाथ मंदिर, सौ फुटा पूर्वी, सिटी स्टेशन और जंक्शन रोड पर भी जाम लग गया। अभी मंगलवार को भी परीक्षा होनी है।
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बसों-ट्रेनों में सीटों को लेकर मारामारी, खिड़कियों से घुसे अभ्यर्थी
रोडवेज ने अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए सीतापुर, लखीमपुर, लखनऊ और मुरादाबाद रूट पर 145 अतिरिक्त बसों को लगाया था। इन जिलों के करीब 30 हजार अभ्यर्थियों को बरेली में परीक्षा देनी थी। हालांकि, दोनों पालियों में 12,042 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। इसके बाद भी रोडवेज की व्यवस्था बेपटरी रही।
शाम की पाली में परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थियों को घर पहुंचने की जल्दी थी। सेटेलाइट और पुराना बस अड्डे पर भीड़ बढ़ी तो बसें कम पड़ गईं। तमाम अभ्यर्थी खिड़कियों से बसों में सवार होने की कोशिश करते दिखे। जंक्शन पर भी इसी तरह के हालात दिखे। सीतापुर और लखनऊ की ओर जाने वाले ट्रेनों में सवार होने की मारामारी रही।
दरअसल, सुबह की पाली की परीक्षा 12 बजे छूटने के बाद ज्यादातर बसें अभ्यर्थियों को लेकर लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर के लिए रवाना कर दी गईं। शाम 5 बजे तक इन बसों की वापसी नहीं हो सकी। ऐसे में शाम के समय दोनों बस अड्डों पर व्यवस्था बेपटरी हो गई।
शाहजहांपुर और सीतापुर डिपो से मांगनी पड़ी मदद
शाम को अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने पर रोडवेज के अधिकारियों ने सीतापुर और शाहजहांपुर डिपो से भी मदद मांगी। शाहजहांपुर और सीतापुर डिपो की बसों ने भी बरेली से अतिरिक्त फेरे लिए। इसके बाद भी देर रात तक काफी संख्या में अभ्यर्थी बस अड्डों और जंक्शन पर भटकते रहे।
ऑटो, ई-रिक्शा वालों ने वसूला मनमाना किराया
परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को केंद्रों तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा वालों ने मनमाना किराया वसूल किया। लखीमपुर खीरी के मुकेश ने बताया कि सेटेलाइट बस अड्डे से मौलाना आजाद इंटर कॉलेज श्यामगंज तक जाने के लिए ऑटो वाले ने उनसे 50 रुपये लिए। सीतापुर के आनंद शर्मा ने बताया कि राजेंद्र नगर के लॉयंस रोहिला इंटर कॉलेज से सेटेलाइट आने के लिए ऑटो चालक ने 80 रुपये किराया लिया।
सीवर लाइन के लिए खोदी गईं सड़कों ने बढ़ाई समस्या
सीवर लाइन के लिए शहर के पीलीभीत बाईपास, चौपुला, डोहरा रोड से बाईपास समेत कई स्थानों पर सड़कों को खोद दिया गया है। यहां ट्रैफिक वन-वे है। ऐसे में यहां सामान्य दिनों में भी जाम की समस्या पैदा हो जाती है। सोमवार को शहर में अभ्यर्थियों की अतिरिक्त भीड़ के कारण इन इलाकों में समस्या और भी बढ़ गई। दिन में कई बार लंबा जाम लगने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।



