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Bareilly News: मेडल से नवाजे गए 35 मेधावी, 216 को मिली उपाधि

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बरेली। एसआरएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और एसआरएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज के 10वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को 216 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। 35 मेधावियों को मेडल मिले और सात मेधावियों को गोल्ड मेडल मिला। अतिथियों ने डॉक्टर बने विद्यार्थियों को मानवता की सेवा का संकल्प दिलाया। इंपैथी और सिंपैथी के साथ मरीजों के इलाज का सुझाव दिया।

एसआरएमएस काॅलेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के शतिक प्रेक्षागृह में सुबह 10:30 बजे दीक्षांत समारोह शुरू हुआ। समारोह की अध्यक्षता रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने की। दीक्षांत संबोधन मुख्य अतिथि केजीएमयू लखनऊ के वाइस चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल डाॅ. बिपिन पुरी (पीवीएसएम, एवीएसएम) ने दिया।

विशिष्ट अतिथि आर्म्ड फोर्स मेडिकल काॅलेज पुणे के निदेशक एवं कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल डाॅ. नरेंद्र कोतवाल (वीएसएम) रहे। सभी ने विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने की शुभकामनाएं दीं। एसआरएमएस ट्रस्ट संस्थापक चेयरमैन देवमूर्ति ने विद्यार्थियों को मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद क्रमवार मेडिकल और पैरामेडिकल के 35 विद्यार्थियों को मेडल, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट दिए गए। मेडिकल में पीजी की डाॅ. सारा रिजवी और एमबीबीएस में डाॅ. सिद्धार्थ तनेजा को ओवरऑल टॉपर होने पर श्रीराममूर्ति गोल्ड मेडल और 51 हजार रुपये का पुरस्कार मिला।

नैक ए डबल प्लस की डिग्री का मिलेगा लाभ

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केपी सिंह ने कहा कि मरीजों की सेवा के दौरान नई बीमारी और नई दवाई की चुनौती आएगी। लोगों को तकलीफ से निजात दिलाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। विश्वविद्यालय को हाल ही में मिले नैक ए डबल प्लस ग्रेड का जिक्र करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।

जीवन भर जारी रखनी होगी सीखने की जिद

केजीएमयू लखनऊ के वाइस चांसलर डाॅ. बिपिन पुरी ने मेडिकल प्रैक्टिस के दौरान सीखने की क्षमता विकसित करने का सुझाव दिया। कहा कि अब चिकित्सकों का सम्मान घटता जा रहा है, क्योंकि चिकित्सक मानव सेवा से पीछे हट रहे हैं और पैसे को प्राथमिकता दे रहे हैं। जनता के बीच इस मिथक को तोड़ना होगा। इसमें मुश्किलें भी आएंगी पर खुद पर भरोसा होगा तो यह बदलाव भी आएगा।

ईमानदारी की बनें मिसाल

डाॅ. नरेंद्र कोतवाल ने छह साल तक लगातार मेहनत के बाद डिग्री से नवाजे जाने का जिक्र किया। कहा कि आने वाला वक्त मरीजों की सिंपैथी और इंपैथी से दुआएं कमाने का है। इन्हें कमाते रहिए और समाज को स्वस्थ बनाने में योगदान दीजिए। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदार, भरोसेमंद और समयबद्ध रहने का सुझाव दिया।

समारोह में ये रहे मौजूद

प्रिंसिपल एअर मार्शल (सेवानिवृत्त) डाॅ. एमएस बुटोला, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डाॅ. आरपी सिंह, एसआरएमएस ट्रस्ट के सचिव आदित्य मूर्ति, आशा मूर्ति, ऋचा मूर्ति, डाॅ. निर्मल यादव, गुरु मेहरोत्रा, सुरेश सुंदरानी, देवेंद्र खंडेलवाल, बरेली काॅलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ. सोमेश यादव, डाॅ. अनुराग मोहन, डाॅ. वंदना शर्मा, डाॅ. आलोक खरे, डाॅ. स्वदेश कुमार, सुभाष मेहरा, डाॅ. प्रभाकर गुप्ता और फैक्ल्टी के सदस्य मौजूद रहे।


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