Bareilly News: दवा और स्टाफ की कमी नहीं हो रही दूर, रेफर हो रहे मरीज
बरेली। स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के दावों की पोल दवा और स्टाफ की कमी खोल रही है। केंद्रों पर इलाज के लिए पहुंच रहे मरीज हायर सेंटर रेफर किए जा रहे हैं। जलभराव से गुजरकर केंद्र तक पहुंचने के बजाय कई मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
शनिवार को अमर उजाला की टीम ने सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल की तो यह हकीकत सामने आई। आंखों के इंफेक्शन के लिए दी जाने वाली प्रेडनिसोलोन आईड्रॉप किसी भी सीएचसी पर उपलब्ध नहीं है। बारिश में त्वचा का संक्रमण तेजी से फैलता है। इसमें दाद, खाज, खुजली, चकत्ते पड़ने समेत अन्य दिक्कतें होती हैं पर मरीजों को देने के लिए कुछ केंद्रों पर लोशन भी नहीं मिला। बताया गया कि जीवन रक्षक उपकरण और दवाओं की उपलब्धता न होने से कई केंद्र पर सामान्य प्रसव ही होते हैं। अक्सर सामान्य प्रसव के दौरान स्थिति गंभीर होने पर गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है।
आंवला सीएचसी पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के 11 स्वीकृत पदों के सापेक्ष तीन तैनात हैं। स्टाफ नर्स का एक पद रिक्त है। लेबर रूम में ऑटो बॉयलर कई महीनों से खराब है। लैब में जांच के उपकरण सही मिले। हर दिन करीब 200 मरीजों की ओपीडी है। वैकल्पिक आई ड्रॉप दिया जा रहा है। माहभर में 73 प्रसव हुए हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. इंतजार हुसैन ने सीमित संसाधन में बेहतर सेवा देने की बात कही है।
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जलभराव से गुजरकर पहुंचते हैं मरीज
फतेहगंज पश्चिमी सीएचसी पर स्वीकृत पांच के सापेक्ष चार डॉक्टर तैनात हैं। एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट के पदों पर तैनाती पूरी है। करीब 150 मरीजों की ओपीडी होती है। यहां त्वचा रोग की ट्यूब उपलब्ध नहीं थी। वैकल्पिक आईड्रॉप दिया जा रहा है। बीते माह 80 प्रसव हुए और आठ केस रेफर करने पड़े। प्रभारी संचित शर्मा के मुताबिक रोड जर्जर होने से जलभराव रहता है। डीएम से रोड निर्माण के लिए कहा है।
बहेड़ी सीएचसी पर स्वीकृत 11 पद के सापेक्ष डॉक्टरों के सात पद रिक्त हैं। फार्मासिस्ट का एक तो एएनएम के तीन पद रिक्त हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से दिक्कत है। प्रभारी डॉ. रोहम का कहना है कि लैब में मैन्युअल जांच हो रही है पर ब्लड टेस्ट से जुड़ी जांच किट कम हैं। हर दिन 180 मरीजों की ओपीडी होती है। जो दवाएं उपलब्ध हैं, वह दो तीन में खत्म हो जाएंगी। 82 प्रसव बीते माह हुए औ दो केस रेफर किए।
मझगवां सीएचसी पर डॉक्टर तो पूरे हैं पर पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। एएनएम के 11 और फार्मासिस्ट के तीन पदों पर तैनाती नहीं है। कंपलीट ब्लड सेल टेस्ट मशीन खराब है। एचआईवी और वीडीआरएल टेस्ट किट खत्म हो चुकी हैं। बीते माह 116 प्रसव हुए और 32 केस रेफर किए गए। प्रभारी डॉ. वैभव राठौर चिकित्सा अवकाश पर थे। सहायक स्टाफ ने बताया कि आईड्रॉप उपलब्ध नहीं है।
फरीदपुर सीएचसी में डॉक्टर, फार्मासिस्ट की तैनाती पूरी है, पर एएनएम के नौ पद रिक्त हैं। करीब 500 मरीजों की प्रतिदिन ओपीडी होती है। प्रेडनिसोलोन आईड्रॉप खत्म है। बीते माह 165 प्रसव हुए और नौ केस रेफर किए गए। अल्ट्रासाउंड मशीन साल भर से खराब पड़ी है। प्रभारी डॉ. अनुराग मोहन के मुताबिक रेडियोलॉजिस्ट न होने से दिक्कत है। दवाइयां लगभग पूरी हैं। सीमित संसाधन में बेहतर सेवाएं दे रहे हैं।
नवाबगंज सीएचसी में स्वीकृत पदों के सापेक्ष डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एएनएम और स्टाफ नर्स की तैनाती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं मगर प्रेडनिसोलोन आईड्रॉप यहां भी उपलब्ध नहीं है। प्रभारी डॉ. अजमेर सिंह के मुताबिक हर दिन करीब 300 मरीजों की ओपीडी हो रही है। बीते माह 140 प्रसव हुए। इसमें सिजेरियन केस भी शामिल हैं। गर्भवती की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन की मांग की है।



