बरेली

Bareilly News: सरकारी खजाने से खर्च किए पौने सात करोड़ रुपये, नहीं दे रहे हिसाब-किताब…गबन का अंदेशा

Connect News 24

बरेली। जिले की 56 ग्राम पंचायतों के ऑडिट में पौने सात करोड़ रुपये का हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है। गबन का अंदेशा जताया जा रहा है। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिवों के नाम दो-दो बार नोटिस जारी की,

लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिले। गबन और वित्तीय अनियमितता के प्रकरण फाइलों में दबे पड़े हैं। अब तीसरी बार नोटिस जारी करने की तैयारी है। इसके बाद भी जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी खजाने को चूना लगाने की यह ऑडिट आपत्ति वित्तीय वर्ष 2019-20 की है। सहकारी समितियों और ग्राम पंचायतों का ऑडिट करने वाले जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने इस वित्तीय अनियमितता को वर्ष 2022 उजागर किया था। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को अवगत कराया है कि 56 ग्राम पंचायतों ने ऑडिट के दौरान बार-बार मांगने पर भी 6 करोड़ 66 लाख 45 हजार 617 रुपये हिसाब-किताब नहीं दिया है। ऐसे में गबन का अंदेशा है। इसी के बाद दो बार नोटिस जारी करने पर भी संबंधित ने हिसाब-किताब नहीं दिया। अब प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए तीसरी नोटिस जारी करेगा।

ये हैं घपले के कुछ उदाहरण

1

केसरपुर ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव विपिन पांडेय ने 27,69,908 रुपये का हिसाब-किताब नहीं दिया। विपिन पांडेय पर पहले भी घपलेबाजी के आरोप लग चुके हैं। वित्तीय अनियमितता में वह निलंबित चल रहे हैं। एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है पर हिसाब नहीं मिल सका है।

2

लौंगपुर ग्राम पंचायत में तैनाती के दौरान ग्राम विकास अधिकारी संजय वर्मा ने 26 लाख 753 रुपये खर्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। हालांकि अलग-अलग समय में अन्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत व्यय दर्शाया गया है।

3

दरावनगर में ग्राम पंचायत सचिव अभिषेक सिंह व तत्कालीन ग्राम प्रधान ने 24 लाख 78 हजार रुपये ग्राम पंचायत के खाते से निकाले, लेकिन बिल बाउचर पेश नहीं किए गए। इसे वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में लिया गया है।

4-

सुनरासी गांव में ग्राम विकास अधिकारी सचिन गंगवार ने विकास कार्यों के लिए रुपये निकाले पर हिसाब दाखिल नहीं किया। ऑडिट में 9 लाख 31 हजार 971 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।

कोट

वित्तीय वर्ष 2019-20 की ऑडिट आपत्तियों की रिपोर्ट 2022 में प्राप्त हुई हैं। उनके आधार पर ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की जवाबदेही तय की जा रही है। जवाब दाखिल नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगी।

धर्मेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button