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Bareilly News: अमर बलिदानी बिस्मिल की स्मृतियों को नहीं संजो पाया प्रशासन

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Administration could not preserve the memories of immortal sacrifice Bismil

पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की खबर में मकान मालिक, अपार कश्यप।संवाद

शाहजहांपुर। काकोरी एक्शन के अमर नायक पं. रामप्रसाद बिस्मिल ने जिस मकान में अपना बचपन गुजारा, वहां की स्मृतियों को संजोने में प्रशासन कामयाब नहीं हो सका। फांसी के फंदे को चूमकर जान न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानी का मकान आज भी उपेक्षित है। उसकी दीवारें जर्जर होने लगी हैं। मकान को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कराने की सारी कोशिशें नाकाम हो गई हैं।

एसएस कॉलेज के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. विकास खुराना ने बताया कि 11 जून 1897 को पं. रामप्रसाद बिस्मिल ने मुरलीधर के घर में जन्म लिया था। पढ़ाई के दिनों में बिस्मिल आर्य समाज के संपर्क में आ गए। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के दौरान बिस्मिल भी कांग्रेस से जुड़ गए थे। चौरी-चौरा कांड के बाद वह क्रांतिकारी बन गए।

रामप्रसाद बिस्मिल ने अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां के साथ नौ अगस्त 1925 को काकोरी स्टेशन में ट्रेन से अंग्रेजों के खजाने को लूटकर ब्रिटिश हुकूमत को सीधे चुनौती दी थी। बिस्मिल समेत अन्य क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। 19 दिसंबर 1927 को उन्हें गोरखपुर जेल में फांसी दी गई। आजादी के मतवाले पंडित रामप्रसाद बिस्मिल अविवाहित थे।

उन्होंने अपना काफी समय खिरनीबाग स्थित मकान में गुजारा था। उस मकान में वर्तमान में शिवकुमार कश्यप रहते हैं। बिस्मिल की स्मृति में यूं तो शहर में भव्य शहीद म्यूजियम बना है। टाउन हाल व खिरनीबाग में उनकी मूर्ति भी लगी हैं, पर उनके मकान को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मुहिम रंग नहीं ला सकी। शहीद को मकान को स्मारक बनाने के लिए राष्ट्र स्वाभिमान ट्रस्ट के राष्ट्रीय संयोजक अशित पाठक ने बीड़ा उठाया था। उन्होंने 2008 में प्रयास शुरू किए। जिले से लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार तक पत्राचार किया, लेकिन शहीद को सम्मान देने को कोई कदम नहीं उठाया गया।

जर्जर हो गया मकान, पुरातत्व विभाग ने सर्वे रोका

-अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की जिस मकान में स्मृतियां शेष हैं, वह काफी जर्जर हो चुका है। गत वर्ष आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के दौरान नगर निगम ने मकान का रंग-रोगन करा दिया था। प्रमुख सचिव ने भी आकर शासन से वार्ता कर मकान को लेकर वार्ता करने का वादा किया था, लेकिन उस पर भी बात आगे नहीं बढ़ी। राष्ट्र स्वाभिमान ट्रस्ट के संयोजक अशित पाठक के अनुसार, उनके पत्राचार के बाद राष्ट्रपति ने संज्ञान लेते हुए 2017 में पीएमओ को लिखा था। इसके बाद टूरिज्म विभाग ने पुरातत्व विभाग को सर्वे के निर्देश दिए थे। सर्वे करने को अधिकारी आने वाले थे, लेकिन फिर संबंधित अधिकारी का फोन आना बंद हो गया। उससे संपर्क साधने पर कोई सटीक जवाब नहीं मिला।

मकान को खरीदने को बनी थी सहमति

-शासन स्तर से कोई मदद नहीं मिलने पर बिस्मिल के मकान को खरीदने को राष्ट्र स्वाभिमान ट्रस्ट ने प्रयास शुरू किए थे। 35 लाख रुपये में सहमति बन गई थी। अशित पाठक के अनुसार, मकान मालिक मुकर गया। उसने अधिक दाम मांगना शुरू कर दिए थे।

हर साल संकल्प संस्था मनाती है जन्मदिन

-आर्य समाज से जुड़े पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर हर वर्ष संकल्प संस्था 11 जून को खिरनीबाग स्थित आयुर्वेद भवन पर हवन का आयोजन करती हैं। मूर्ति पर माल्यार्पण, भावांजलि का आयोजन भी होता है। संकल्प संस्था के अध्यक्ष डॉ.अवधेश मणि त्रिपाठी बताते हैं कि 1997 से कार्यक्रम कर बिस्मिल जी को याद करते हैं।

फोटो नंबर 17

-घर की हालत लगातार खराब होती जा रही है। दीवारें जर्जर हो गईं। छत की धन्नी चटकने लगी हैं। गत वर्ष प्रमुख सचिव ने शासन से बातचीत कर मकान को बेहतरी की बात की थी। हमारी मांग है कि गुजर-बसर का साधन हो जाए। – अपार कश्यप, मकान मालिक शिवकुमार के पुत्र

आजादी का अमृत महोत्सव होने के चलते पूर्व में भव्य आयोजन हुआ था। इस साल भी संकल्प संस्था के साथ मिलकर कार्यक्रम होगा। उनके घर के आसपास सफाई अभियान भी चलाया जाएगा।

संतोष शर्मा, नगर आयुक्त


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