Bareilly News: संघर्ष का सफर तय कर अर्चना बनीं आत्मनिर्भर
बरेली। साहस, उद्यम, निवेश और चुनौती के समावेश से तैयार होता है स्टार्टअप। फरीदपुर के हरेला गांव की अर्चना श्रीवास्तव ने इन्हीं गुणों के समावेश से घर व परिवार को नई दिशा दी। वह कुशल गृहिणी होने के साथ ही सफल कारोबारी भी हैं। खुद का स्टार्टअप शुरू करने के लिए लोन लेकर पूंजी जुटाई और अपने सपनों में रंग भरने की कोशिश में जुट गईं। एक साल तक लगातार संघर्ष के बाद अब वह एक शानदार कैंटीन की मालिक हैं। पड़ोस की कई अन्य महिलाओं को भी कैंटीन में रोजगार दिया है।
ऐसे आया विचार
अर्चना ने बताया कि आर्थिक दिक्कतों की वजह से पति ने बाहर जाकर काम करने का फैसला किया। इससे वह काफी विचलित हुईं और यहीं संघर्ष करने का निर्णय किया। उन्होंने न केवल स्टार्टअप का जिम्मा उठाया, बल्कि लोन लेकर आर्गेनिक फार्मिंग भी शुरू की। बाद में आर्गेनिक फार्मिंग की जिम्मेदारी पति को सौंपकर खुद कैंटीन खोल ली। इसके लिए उन्होंने फतेहगंज से हरेला के बीच हाईवे के पास की जगह का चयन किया। शुरुआती बाधाओं को पार कर वह सफल भी हुईं।
अन्य महिलाओं को भी दिया रोजगार
शुरुआत में काम छोटा था तो खुद ही संभालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता मिली तो काम आगे बढ़ा। लोगों ने भी कैंटीन के स्वाद को सराहा। इसके बाद एक-एक करके अर्चना अब तक 14 महिलाओं को रोजगार दे चुकी हैं। यह कैंटीन उनकी और साथ काम करने वाली अन्य महिलाओं की आय का बेहतर जरिया है।


