Bareilly News: बरतें सावधानी… हर्षोल्लास से भरी रहे दिवाली, न हो परेशानी
पटाखा जलाते समय बरतें सावधानी, छोटे बच्चे और बुजुर्ग रहें दूर
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। दीपों का त्योहार दीपावली हर्षोल्लास से भरी रहे, इसके लिए पटाखों को जलाते समय सतर्कता बरतने की जरूरत है। ताकि सुख-समृद्धि के इस त्योहार की मस्ती और मनोरंजन में कोई खलल न पड़े। बच्चे, बुजुर्गों और गर्भवती विशेष ध्यान रखें।
तीन सौ बेड अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन कपाही के मुताबिक पटाखों से आंखों में चोट लगने पर पलकें खुद ही बंद हो जाती हैं। इन्हें थोड़ी देर तक बंद ही रहने दें। जलन, दर्द और छटपटाहट होने पर घबराएं नहीं। दर्द से राहत के लिए दर्द निवारक दवाएं ले सकते हैं। आंखों को धोएं नहीं। हालत गंभीर है तो डॉक्टर से संपर्क करें। बगैर परामर्श आंख में कोई भी दवा न डालें। कहा कि पटाखों से गंभीर तौर पर शरीर का कोई अंग अगर झुलसा है तो इसे घरेलू इलाज से सही करने का प्रयास न करें। डॉक्टर को दिखाएं।
पटाखे जलाते समय ध्यान रखें
– पटाखा जलाते वक्त कोई साथी रहे, ताकि हादसा होने पर मदद हो सके।
– मोमबत्ती या फिर अगरबत्ती से ही पटाखों को उचित दूरी पर रखकर जलाएं।
– बच्चों को अकेले पटाखा न जलाने दें, अभिभावक बच्चों की निगरानी करें।
– घर के बाहर खुले में मनाएं दिवाली, सघन इलाकों में खास सावधानी बरतें।
– पार्किंग और वाहन के पास बम न फोड़ें, अस्पताल से दूरी बनाकर पटाखा जलाएं।
– पटाखों को सड़क पर या अन्य किसी सार्वजनिक स्थान पर जलाने से बचें।
– जलाने पर अगर पटाखा न जले तो पानी डाल दें। ताकि कोई आशंका न रहे।
– पटाखों के भंडार को जलाने के स्थान के पास न रखें। उचित दूरी बनी रहे।
– रॉकेट डिब्बे या कांच की भारी बोतल में रखकर छोड़ें, ढीले वस्त्र न पहनें।
– पटाखा जलाने के बाद कचरे के डिब्बे, पेड़, पौधे या व्यक्ति पर न फेकें।
झुलसने पर तुरंत इलाज
– जले हुए स्थान पर ठंडा पानी डालें। जले पर एलोवेरा या शहद लगाएं।
– कपड़े जलने पर समय हो तो निकालें या जमीन पर लेट जाएं।
– जले हिस्से पर बर्फ न लगाएं, छाले पड़े हैं तो त्वचा को खींचने से बचें।
– फुलझड़ी के अलावा अन्य कोई भी फटने वाला पटाखा हाथ में न रखें।



