Bareilly News: गरीबों की जमा पूंजी लौटाने में व्यापारी पुत्र ने खड़े किए हाथ
फरीदपुर। थोड़ी-थोड़ी पूंजी जमा करके भविष्य के सपने संजोने वाले गरीब और मजदूर लोग अब मारे-मारे फिर रहे हैं। उन्होंने जिस व्यापारी के यहां अपनी मेहनत की कमाई जमा की थी, उनकी एक वर्ष पहले मृत्यु हो गई। अब व्यापारी के बेटे ने उनकी रकम लौटाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। पैसे जमा करने वाले करीब एक हजार लोग हैं, जिनकी करीब डेढ़ करोड़ की रकम फंसी हुई है। मामला थाने तक पहुंच गया है।
कस्बे के यह व्यापारी कम आय वर्ग के लोगों के लिए स्कीम के तहत उनसे पैसे जमा करते थे। इसके लिए सभी जमाकर्ताओं के लिए उन्होंने एक पासबुक नुमा किताब दे रखी थी, जिसमें उनकी जमा पूंजी का हिसाब-किताब रहता दर्ज रहता था। गरीब-मजदूर लोग रोजाना अपनी कमाई का पैसा यहां जमा कराते थे। स्कीम के तहत एक वर्ष तक पैसे जमा करने के बाद यह रकम ब्याज सहित लौटाई जानी थी। करीब एक वर्ष पहले व्यापारी की मृत्यु हो गई। इसके बाद व्यापारी के बेटे ने पिता का यह काम संभाल लिया।
लोग जब व्यापारी के यहां अपनी जमा पूंजी लेने पहुंचे तो उनके बेटे ने असमर्थता जताते हुए इन्कार कर दिया। अपनी जमा रकम डूबती देख पीड़ित लोग थाने पहुंचे और पुलिस को अपनी समस्या बताई। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी के बेटे को पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया है। व्यापारी पुत्र के मुताबिक करीब एक हजार लोगों की किताबें हैं, जिनमें जमा रकम का व्योरा है। यह राशि करीब डेढ़ करोड़ रुपये है।
कस्बे में कई व्यापारी करते हैं यह काम
कस्बे के कई लोग इसी तरह छोटी कमाई वालों का पैसा जमा करने और व्याज सहित लौटने का कार्य करते हैं। गरीब आदमी अपनी पूंजी प्रतिदिन इनके यहां जमा कराते हैं और अपनी-अपनी किताबों पर एंट्री कर आते हैं। एक वर्ष तक जमा की गई पूंजी उन्हें ब्याज सहित एकमुश्त मिल जाती है तो इससे ये लोग अपना काम चला लेते हैं। लेकिन इसमें जमा पैसा ठूबने का खतरा भी बना रहता है। क्योंकि पहले एक सराफा व्यापारी लोगों के गहने गिरवी रखकर भाग चुका है। हालांकि शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।
इंस्पेक्टर क्राइम फरीदपुर सत्य सिंह ने बताया कि मामला थाने आया है। इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



