Bareilly News: बीमा कंपनी के कर्मचारी बन बोनस का लालच देकर की थी ठगी
बरेली। शहर में पकड़े गए साइबर ठगों ने बनारस, आगरा और आजमगढ़ समेत कई जिलों में ठगी की वारदातें की थीं। गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर डाटा डालने से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। जल्द ही कई और जिलों में इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज होंगे। बरेली पुलिस भी दूसरे प्रांतों में जाएगी।
बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस ने दो युवकों को जेल भेजकर साइबर ठगी और उसकी रकम को हवाला के जरिये खातों में डालकर निकालने के गिरोह का खुलासा किया था। दो आरोपी थाना सादाबाद, हाथरस निवासी योगेंद्र कुमार और बरेली के संजयनगर निवासी अभिषेक गंगवार जेल भेजे गए थे। दोनों से आधार कार्ड, पैनकार्ड, बैंक की पासबुक व दस्तावेज बरामद हुए।
जांच में पता लगा कि आरोपियों ने शहर की बैंकों में ही 11 खाते खोलकर तीन महीने में ठगी की दो करोड़ से अधिक रकम का लेनदेन किया था। पुलिस अब इनके दूसरे साथियों की तलाश कर रही है। मुख्य आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा भी दूसरे शहरों के लोगों से इनके खातों में लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। इन सभी की डिटेल साइबर सेल को दी गई है। कुछ के आधार व पैन कार्ड मिसमैच हैं। सही आरोपियों का डाटा लेकर टीमें हरियाणा व अन्य स्थानों पर जाएंगी।
बनारस में नौ लाख का खेल उजागर
पता लगा है कि इस गिरोह ने बनारस के कई लोगों का डाटा उनकी बीमा कंपनी से हासिल कर लिया था। फिर बीमा कंपनी के कर्मचारी बनकर कॉल और मेसेज करके अच्छा पॉलिसी धारक बताकर बोनस और अन्य ऑफर का लालच दिया था। इस तरह उन्हें झांसे में रखकर कुछ रकम अपने खातों में डलवा ली और गायब हो गए थे। इस मामले में बनारस साइबर थाना पुलिस अभी तक शिकायतों की जांच कर रही थी। थाना प्रभारी प्रशिक्षण के लिए लखनऊ गए हैं। वहां से लौटकर वह बरेली में पकड़े आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट कराने की बात कह रहे हैं। फिर बरेली से आरोपियों का बी वारंट पर रिमांड लेकर पड़ताल करने का दावा भी किया जा रहा है। इसी गैंग के जरिये आगरा और आजमगढ़ में बरेली की तरह ही खाते खुलवाकर उसमें ठगी की रकम मंगाने की बात सामने आई है।
वर्जन
साइबर ठगी के असली आरोपी फरीदाबाद के पते वाले ही हैं। पकड़े गए आरोपियों के खातों में रकम डलवाते थे। बैंक स्तर पर भी जांच होगी। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। – राहुल भाटी, एसपी सिटी बरेली



