Bareilly News: मोहल्लों के नाम बदलने पर शहरवासी सहमत
बरेली। नगर निगम बोर्ड की बैठक में बुधवार को तीन मोहल्लों का नाम बदलने की स्वीकृति दी गई। आलमगिरीगंज का नाम शिवाजी नगर, भूड़ का नाम टीबरीनाथ नगर और फाल्तूनगंज का नाम कालीबाड़ी किए जाने का प्रस्ताव बैठक में पास हो गया। इस मुद्दे पर शहर के कुछ संभ्रांत बुजुर्गों से बात की गई। उन्होंने इसे उचित निर्णय बताते हुए सहमति जताई है। ब्यूरो
100 वर्ष से भी पहले यह नवाब आलमगीर का इलाका था। इसलिए मोहल्ले का नाम आलमगीरगंज पड़ा जो बाद में आलमगिरीगंज हो गया। यहां से गुजरने वाला मार्ग शिवाजी मार्ग है। यह पांच दशक से भी पुराना है। अब आलमगिरीगंज का नाम बदल कर शिवाजी नगर हो गया है। बढि़या है, इसमें कोई दिक्कत नही है। – श्याम औतार अग्रवाल (78 वर्ष), आलमगिरीगंज
आलमगिरीगंज बहुत पुराना नाम है। यह नवाब आलमगीर की छावनी थी। यहां का मार्केट भी काफी पुराना है। शुरू से ही इस मार्केट रोड का नाम शिवाजी मार्ग रहा है। इसलिए उसी नाम को लिया जाना अच्छा रहा। इसे बहुत पहले बदल दिया जाना चाहिए था। इस पर किसी को कोई आपत्ति भी नहीं होगी। – पंडित अवधेश मिश्रा (75 वर्ष), आलमगिरीगंज
काफी पहले इस इलाके से गंगा जी बहा करती थीं। उनके हटने के बाद यह इलाका जंगल हो गया। भुरभुरी मिट्टी का इलाका होने के कारण इस क्षेत्र को भूर कहा जाने लगा और बाद में भूड़ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। अब त्रिवटीनाथ मंदिर मंदिर के नाम पर इस मोहल्ले का नाम रखा जाना अच्छी बात है। – रमेश चंद्र वर्मा (83 वर्ष), भूड़
मुगल काल के बाद ब्रिटिश शासन में इस इलाके का नाम अंग्रेज सेना के एक अधिकारी कैप्टन फाल्तून के नाम से रखा गया था। यहां रहने वाले बंगालियों ने कालीबाड़ी की स्थापना की। कोलकाता से लाकर यहां काली देवी की मूर्ति स्थापित की गई। फाल्तूनगंज का नाम बदला जाना जरूरी था। अब कालीबाड़ी नाम ठीक है। – सतीश कुमार लोधी (70 वर्ष), कालीबाड़ी



