Bareilly News: दावे बेहिसाब… 1.10 लाख बच्चे अब भी बेकिताब
बरेली। परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक और दो के करीब एक लाख, दस हजार बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। कक्षा चार से आठ की किताबें अप्रैल के पहले सप्ताह में स्कूलों में पहुंचा दी गई थीं। इसके बाद अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक स्कूलों में कक्षा एक से तीन की किताबें पहुंचाने के दावे विभाग की ओर से किए गए। जब किताबें आईं तो महज कुछ ही स्कूलों को पहुंचाई गईं।
विभाग में पटल प्रभारी राजीव शर्मा का कहना है कि कक्षा एक और दो की किताबें काफी देर से आईं हैं। इस वजह से अभी तक सभी स्कूलों में नहीं पहुंचाई गई हैं। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, चुनाव के बाद जल्द ही किताबोें के बंडल स्कूलों तक पहुंचा दिए जाएंगे।
केस- 1
प्राथमिक विद्यालय चंदनपुर जोगियान की शिक्षिका नरगिस ने कक्षा एक की किताबें न मिलने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, कक्षा तीन की भी सभी विषयों की किताबें नहीं मिली हैं। फिलहाल कक्षा एक के बच्चों को निपुण लक्ष्यों से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है।
केस- 2
प्राथमिक विद्यालय बिहारीपुर की शिक्षिका प्रभा गुप्ता का कहना है कि कक्षा एक और दो की किताबें अभी नहीं मिली हैं। कक्षा तीन से पांच तक की किताबें मिली थीं, जो कि बच्चों को वितरित कर दी गई हैं। वर्कबुक के बारे में अभी विभाग की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
केस- 3
प्राथमिक विद्यालय कांकर टोला की शिक्षिका मिलन राजपूत ने बताया कि विद्यालय में अभी तक कक्षा एक और दो की किताबें नहीं पहुंचाई गई हैं। सभी कक्षाओं की वर्कबुक भी अब तक नहीं मिली हैं। बिना किताबों के इन बच्चों को रेडीनेस कार्यक्रम से जोड़कर पढ़ाया जा रहा है।



