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Bareilly News: समिति के लगाई सवालों की झड़ी, जवाब में अटके सीएमओ

Connect News 24

बरेली। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति ने शुक्रवार को विकास भवन में विकास कार्यों की समीक्षा की। समिति के सभापति डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने सीएमओ के सामने सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में बिना लाइसेंस संचालित अस्पताल और मेडिकल स्टोरों की संख्या पूछी। सीएमओ कोई जवाब नहीं दे सके। उन्होंने आगे पूछा- कितने अस्पतालों में छापेमारी की? क्या कभी आप वहां गए? सीएमओ ने जवाब दिया- जाएंगे साहब, जाएंगे।

सभापति यहीं नहीं थमे। उन्होंने कहाकि अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई का जिम्मा ड्रग इंस्पेक्टर का है लेकिन देखना सीएमओ को भी है। मेडिकल स्टोरों पर नकली दवाएं खूब बिक रही हैं। एक महीने के भीतर इन पर कार्रवाई कराएं और रिपोर्ट भेजें। सभापति ने फिर सवाल किया- कितनी दवाएं नकली मिलीं, कभी कुछ पता किया? इस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने बीच में जवाब दिया कि अप्रैल 2022 से जून 2023 तक 16 दवाएं अमानक मिली हैं। सभापति ने फिर सवाल किया- इतना बड़ा महानगर, इतना बड़ा जिला और सिर्फ 16 दवाएं अधोमानक? जांच पड़ताल और कार्रवाई ठीक से नहीं की जा रही। उन्होंने बात आगे बढ़ाई। बोले- बरेली में एक दिन में 500 शादियां होती हैं। सभी को खोया, दूध और पनीर कहां से मिल जाता है। जाहिर है माफिया सिंथेटिक दूध बेच रहे हैं। इस पर क्या कार्रवाई की गई? अफसरों के पास इसका भी कोई जवाब नहीं था। सभापति ने सीएमओ से अवैध तरीके से संचालित मेडिकल स्टोर और अस्पतालों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब किया। समिति में विधान परिषद सदस्य गोपाल अंजान, शाहनवाज खां, अंगद सिंह, गोविंद नारायण शुक्ला, कुंवर महाराज सिंह शामिल थे।

ये दिए निर्देश

खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल फ्री नंबर को सार्वजनिक स्थलों पर लिखवाएं

मिलावट रोकने के लिए छापेमारी करें, वीडियो रिकाॅर्डिंग भी कराई जाए

पेंशन और ग्रेच्युटी के लंबित मामलों में तय समय में कार्रवाई करें

जेनरिक दवाओं की उपलब्धता जन औषधि केंद्रों पर सुनिश्चित हो

अनुकंपा नौकरी को लेकर कोई विवाद है तो शिविर लगाकर सुलझाएं

62 विभागों के सेवानिवृत कर्मचारियों के प्रकरण निस्तारित कराएं

फर्जी मान्यता पर चल रहे स्कूल

विधान परिषद समिति के सभापति हरि सिंह ढिल्लो ने पत्रकारों से कहा कि कुछ अफसर और कर्मचारी फर्जीवाड़ा करा रहे है। पांचवीं तक की मान्यता पर आठवीं से दसवीं तक स्कूल चल रहे हैं। बदले में अफसर पैसे ले रहे हैं। बीएसए और डीआईओएस की जवाबदेही तय करने के लिए डीएम को निर्देश दिए हैं।

अफसरों तक सीमित रहे, कर्मचारियों की नहीं सुनी

विधान परिषद की समिति लंबित मामलों में वही बात जान सकी जो अफसरों ने बताई। समिति ने पीड़ित कर्मचारियों या उनके परिजनों से संवाद का कोई कार्यक्रम नहीं रखा था। इसलिए चाहकर भी कर्मचारी अपना दर्द नहीं कह सके। जल निगम के निर्माण खंड में जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2022 तक मृतक आश्रित के तीन मामले थे। दो कर्मचारियों के आश्रित अभी तक सेवायोजित नहीं हो सके। लोक निर्माण विभाग में मृतक कर्मचारियों के आश्रित सेवायोजित नहीं हुए। यह सवाल विधान परिषद की समिति में भी उठा। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के परिजनों में सहमति नहीं है। दावेदार एक से अधिक हैं।

पेंशन, ग्रेच्युटी मिलने और मृतक आश्रित की नियुक्ति के कई मामले 2019-20 से लंबित हैं। समीक्षा में अधिकारियों को एक समय सीमा में प्रकरण निस्तारित करने के आदेश दिए गए हैं। अगर कोई अफसर देरी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। -हरि सिंह ढिल्लो, समिति के सभापति

समिति के सभापति ने जिले में अवैध तरीके से संचालित अस्पतालों व मेडिकल स्टोरों को अभियान चलाकर बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा। जल्दी ही टीम बनाकर छापेमारी की जाएगी।-डॉ. बलबीर सिंह, सीएमओ


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