Bareilly News: बदइंतजामी से मौत की कीमत 7.5 लाख
बरेली। कुतुबखाना पुल के निर्माण कार्य के दौरान बदइंतजामी से हुई मजदूर की मौत की कीमत ठेकेदार कंपनी ने 7़.5 लाख रुपये तय कर दी है। निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों और राहगीरों की सुरक्षा पर कंपनी की ओर से बरती जा रही लापरवाही और अफसरों की अनदेखी पर पर्दा डालने के लिए मंगलवार को खूब मशक्कत हुई।
ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधियों ने पुल से गिरकर जान गंवाने वाले मजदूर के पिता पर बीमा की रकम दिलाने के नाम पर एफआईआर दर्ज न कराने के लिए राजी किया। उन्हें एफआईआर के बाद बिना वजह की भागदौड़ बढ़ने और बीमा की रकम मिलने में देरी का हवाला दिया। आखिरकार ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधि अपने मकसद में कामयाब हुए।
पीलीभीत के पूरनपुर में स्थित चंदिया हजारा गांव निवासी मजदूर धनंजय (18) रविवार तड़के कुतुबखाना पुल पर शटरिंग बांधते समय 22 फुट ऊंचाई से गिर गया था। उसने न तो हेलमेट लगाया था और न ही सेफ्टी बेल्ट बांध रखी थी। कंपनी की ओर से कार्यस्थल पर गिरने से बचाने के लिए जाल भी नहीं बांधा गया था। सोमवार को इलाज के दौरान धनंजय की मौत हो गई।
पिता रतन विश्वास ने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधि उनके पास आए थे। उन्हें बीमा क्लेम के रुपये 45 दिन के भीतर दिलाए जाने का भरोसा दिया गया है। फिलहाल परिवार आर्थिक संकट में है। रहने के लिए घर नहीं है। खेती की जमीन शारदा नदी के कटान में बह गई। अब परिवार के पास कोई सहारा नहीं है। धनंजय सबसे बड़ा था। वही कमा कर परिवार चला रहा था। अगर बेटे की मौत पर एफआईआर कराते हैं तो कब कोर्ट-कचहरी जाते, कब रोजी-रोटी कमाते। ऐसे में समझौता करने में ही भलाई समझी।
धनंजय ने मौत से करीब 12 घंटे पहले दिन में तीन बजे मां आरती से फोन पर बातचीत की थी। खुद का हाल ठीक बताया। मां से परिवार का हाल-चाल लिया। पिता रतन विश्वास ने बताया कि रात में किसी ने फोन करके बेटे के घायल होने की जानकारी दी। वह तत्काल दामाद के साथ बरेली के लिए चल दिए। सुबह 5.30 बजे पहुंचे तो बेटा आईसीयू में था। रात में एक बजे मौत हो गई। ब्यूरो
ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि धनंजय का परिवार झोंपड़ी में रहता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में घर दिया गया था, लेकिन अभी दीवारें खड़ी हैं। छत पड़ना बाकी है। परिवार को अधिक से अधिक आर्थिक मदद की जरूरत है।
निजी फर्म ने काम करने वाले मजदूरों का ग्रुप इंश्योरेंस कराया है। मजदूर के परिजन को 7.5 लाख रुपये दिलाए जाएंगे। कंपनी के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को बता भी दिया है। -केएन ओझा, महाप्रबंधक, सेतु निगम



