Bareilly News: डेलापीर का बदलेगा नाम… आदिनाथ तिराहा होगा
बरेली। नाथ सर्किट का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। काम भी शुरू हो चुके हैं। डेलापीर को अब आदिनाथ तिराहे के नाम से जाना जाएगा। नाम बदलने के प्रस्ताव पर जल्द ही नगर निगम का बोर्ड अपनी मुहर लगाएगा।
आदिनाथ तिराहे पर दीवार बनाकर नाथ नगरी की सांस्कृतिक विरासत और धरोहर को दर्शाया जाएगा। भगवान शिव का डमरू भी स्थापित किया जाएगा। नरियावल तिराहे पर त्रिशूल स्थापित किया जाना है। दोनों के लिए काम शुरू हो गया है। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह की देखरेख में आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल डीपीआर बना रहे हैं। नाथ नगरी काॅरिडोर के ले-आउट और डिजाइन का अधिकतर हिस्सा तैयार है। बरेली-लखनऊ हाईवे पर इन्वर्टिस के पास और झुमका तिराहे पर ओम का प्रतिरूप स्थापित किया जाएगा।
32.50 किलोमीटर की होगी नाथ मंदिरों की परिक्रमा
नाथनगरी काॅरिडोर में पशुपतिनाथ, तपेश्वर नाथ, मणिनाथ, त्रिवटी नाथ, धोपेश्वर नाथ, वनखंडी नाथ और अलखनाथ मंदिर को मिलाकर 32.50 किलोमीटर का परिक्रमा सर्किट तैयार किया गया है। मंदिर को जाने वाले रास्ते पर पाथ-वे रहेगा। मंदिरों में भव्य द्वार बनाए जाएंगे। मंदिरों के बाहर बस स्टॉप से लेकर मंदिर के मुख्य द्वार तक रंग बिरंगी लाइटों से सजाया जाएगा। बरेली के चारों ओर राम द्वार, तपेश्वर द्वार, अलखनाथ द्वार और केदारनाथ द्वार बनने हैं।
अलखनाथ मदिर: गोशाला के साथ भंडारा के लिए हाल बनेगा
अलखनाथ मंदिर के अंदर का काॅरिडोर नौ मीटर का होगा। पेयजल, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच व शेड होगा। पार्किंग की व्यवस्था की गई है। भंडारा हाल बनाया जा रहा है। गायों के लिए टिन शेड डाला जाना प्रस्तावित है।
स्टेशन से चौपुला रोड होगी फोरलेन, बनेंगे तीन अंडरपास
नाथ नगरी काॅरिडोर में मंदिरों तक आने-जाने के लिए सभी सड़कों को सिक्स लेन और फोरलेन किया जा रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि चौपला पर निर्माण शुरू हो गया है। चौपुला चौराहे से लेकर स्टेशन रोड तक फोरलेन किया जाएगा। इससे मणिनाथ, धोपेश्वर नाथ और अलखनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। सिटी शमशान भूमि पर अंडरपास, अलखनाथ अंडरपास, मणिनाथ से श्मशान भूमि को जाने वाले वैकल्पिक मार्ग पर भी विचार किया जा रहा है। सुभाषनगर पुलिया के पास भी अंडरपास बनेगा ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।



