Bareilly News: डेंगू संदिग्ध दो की मौत, नहीं थमी रफ्तार तो फिर टूटेगा रिकॉर्ड
बरेली। जिले में डेंगू बेकाबू हो रहा है। बहेड़ी के पिंदारी अशोक और गुड़वारा गांव में रविवार को डेंगू संदिग्ध दो मरीजों की मौत हो गई। पिंदारी अशोक निवासी छत्रपाल गुर्जर की पत्नी रीना को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। परिजनों ने उन्हें कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार देर रात रीना की मौत हो गई। वहीं गुड़वारा के रहने वाले चंद्रकांत (35) ने भी शनिवार देर रात दम तोड़ दिया। दोनों मरीजों की एनएस-1 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव थी। इसकी रफ्तार नहीं थमी तो आने वाले दो-तीन दिनों में जिले में डेंगू के मरीजों का नया रिकाॅर्ड बन जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 में पहली बार जिले में डेंगू के 28 मरीज मिले थे। इसके बाद वर्ष 2021 में डेंगू के सर्वाधिक 595 मामले सामने आए थे। इस साल जिस तेजी से डेंगू अपने पांव पसार रहा है, आशंका है कि पुराने सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे। रविवार को 18 नए केस मिलने के बाद डेंगू मरीजों का आंकड़ा 562 तक जा पहुंचा है। स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां बेअसर साबित हो रही हैं। अब अफसर लोगों से स्वयं सक्रिय होकर मच्छरों से बचाव के लिए प्रयास करने की अपील कर रहे हैं।
क्लस्टर न बनने से बढ़ता जा रहा प्रकोप
इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक डेंगू के मच्छरों का प्रकोप साल दर साल एक क्षेत्र तक ही सीमित रहता है। मगर इस साल यह जिले की सभी तहसीलों और ब्लॉकों तक जा पहुंचा है। कंटेनमेंट एरिया निर्धारित न होने से रोकथाम की कार्रवाई में कठिनाई हो रही है। भोजीपुरा, मीरगंज, शीशगढ़ ब्लॉकों समेत शहर के सुभाषनगर, बानखाना, जाटवपुरा में डेंगू के सर्वाधिक मरीज मिल रहे हैं।
उतार-चढ़ाव के बजाय खिंच रही सीधी रेखा
आंकड़ों पर गौर करें तो तीन साल में डेंगू के 1,500 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। इस साल अब तक डेंगू संदिग्ध 14 लोगों की मौत हुई है। डॉ. अब्बास के मुताबिक तीन साल पहले तक डेंगू का हमला एक साल अधिक, अगले साल कम था। 2014 में डेंगू के 28 मरीज रहे पर 2015 में मरीजों की संख्या शून्य थी। क्रमवार 2016 में 52, 2017 में 73, 2018 में 01, 2019 में 264, 2020 में आठ केस थे।
2021 से तेज हुआ डेंगू का प्रकोप
2021 में डेंगू के 595 मरीज मिले थे। 2022 में संख्या पूर्व के वर्षों के अनुसार यानी 50-60 तक आंकी जा रही थी मगर यह 473 तक जा पहुंची। इस साल यह तादाद और भी कम होने की उम्मीद अफसर जता रहे थे मगर हालात बेकाबू हो गए।
वर्जन
डेंगू को नियंत्रित करने के लिए टीमें सक्रिय हैं। इस साल मौसम मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल रहा। इस वजह से भी केस बढ़ रहे हैं। सभी विभाग प्रभावित इलाकों में निरोधात्मक कार्रवाई कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि वे भी बचाव के इंतजाम करें। – डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ



