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Bareilly News: जांच की कछुआ चाल… दीवान को मलाल, जांच अधिकारी की भूमिका पर सवाल

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बरेली। आम लोगों के मामले में पुलिस पर कार्रवाई को लेकर शिथिलता के आरोप लगते रहते हैं पर विभागीय लोगों से जुड़े मामलों में भी हालात एक जैसे ही हैं। शाही थाने की दुनका चौकी पर ढाई महीने पहले दीवान ने सरकारी राइफल से खुद को गोली मारकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी। अब तक इसकी तफ्तीश अधूरी है। इससे पीड़ित दीवान को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वहीं, जांच अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

दो अगस्त की रात दुनका चौकी के हेड कांस्टेबल नीरज सिंह ने सरकारी राइफल से चौकी परिसर में खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने दो फायर किए थे। पहला फायर मिस हो गया तो दूसरा आजमाया। गोली उनके गर्दन को चीरती हुई निकल गई थी। शुक्र रहा कि उनकी जान बच गई। उन्होंने खुद को गोली मारने से पहले दुनका चौकी प्रभारी अरविंद सिंह व सिपाही अमित पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर सुसाइड नोट वायरल किया था। घटना के अगले दिन से प्रकरण की जांच सीओ मीरगंज हर्ष मोदी कर रहे हैं। हेड कांस्टेबल नीरज सिंह ने जांच अधिकारी को बयान भी दे दिए हैं। आरोपी पक्ष के निलंबित पुलिसकर्मी भी काफी पहले बयान दर्ज करा चुके हैं। इसके बाद भी ढाई महीने में जांच पूरी नहीं हो सकी है।

परिजनों के साथ ही मीडिया को भी भेजा था सुसाइड नोट

दीवान नीरज सिंह दो साल से दुनका चौकी पर तैनात थे। उनका आसपास के गांवों में अच्छा संपर्क था। उनके बेहतर कार्य और व्यवहार की वजह से कानून व्यवस्था प्रभावी बनाने में पुलिस को काफी लाभ मिलता था। जबकि, चौकी प्रभारी करीब छह महीने पहले चौकी पर आए थे और सिपाही करीब दो महीने से ही वहां तैनात था। दीवान ने थाने के ग्रुप, परिजनों और मीडिया को सुसाइड नोट भेजा था। इसमें इन दोनों पर हर तरह के कार्य में लिप्त रहने का आरोप लगाया था।

शेविंग बॉक्स में रखा था लेटर

दीवान नीरज सिंह ने सुसाइड नोट वायरल करते समय यह भी लिखा था कि इसका कागज मेरे शेविंग बॉक्स में रखा है। इसे निकालकर मुझे न्याय दिलाया जाए और इन दोनों को कड़ी सजा दिलाई जाए। लिखा था कि इनकी वजह से मेरी जान जा रही है। सुसाइड नोट में आखिरी राम राम भी लिखा था।

फोरेंसिक टीम ने भी जुटाए थे साक्ष्य

घटना के बाद मौके पर पहुंचकर फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे। तत्कालीन एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी जिला अस्पताल व भोजीपुरा के मेडिकल कॉलेज में दीवान का हालचाल जानने पहुंचे थे। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ मीरगंज को सौंपकर रिपोर्ट तलब की थी।

वर्जन

हेड कांस्टेबल को गोली लगने के मामले में सभी पक्षों के बयान हो चुके हैं। जांच अभी जारी है। – हर्ष मोदी, सीओ मीरगंज


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