Bareilly News: सीवर लाइन के लिए 330 करोड़ की डीपीआर तैयार, मंजूरी तक कीजिए इंतजार
बरेली। शहर के 80 में से 50 वार्ड ऐसे हैं, जहां सीवर लाइन डाली जानी है। जल निगम ने 20 वार्डों में सीवर लाइन बिछाने के लिए 330 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दिया है। सुभाषनगर समेत 30 अन्य वार्डों के लिए केंद्र सरकार के निर्देश का इंतजार है। आधी-अधूरी सीवर लाइन वाले वार्ड भी प्रभावित हैं। वहां सीवर लीकेज की समस्या है। नगर निगम के अफसरों का दावा है कि शिकायत आने पर तत्काल टीम को भेजकर सीवर ठीक कराते हैं, लेकिन हकीकत अलग है।
जाटवपुरा, छोटी बिहार, नेकपुर, मॉडल टाउन, ब्रह्मपुरा, हजियापुर, संजयनगर, इंदिरानगर, कांकर टोला, वनखंडीनाथ, जोगी नवादा, जनकपुरी, रोहली टोला, भूड़, कानूनगोयान, चक महमूद, सुरेशशर्मा नगर, आवास विकास, शाहाबाद, नई बस्ती, एजाजनगर वार्डों में सीवर लाइन का इंतजार है। जहां सीवर लाइन है, वह ओवरफ्लो होती है तो गंदगी सड़क पर आ जाती है। पार्षदों ने नगर निगम की बैठक में भी इस मामले को उठाया था। जल निगम के अभियंता अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि 20 वार्डों की जरूरत का आकलन कर डीपीआर शासन को भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा।
ये है कार्ययोजना
130 किलोमीटर नई लाइन डालने का है प्रस्ताव।
25 एमएलडी का नया एसटीपी सरायतल्फी में बनेगा।
12 एमएलडी सीवर हरुनगला एसटीपी में जाएगा।
80 में से 30 वार्डों में है सीवर लाइन, घरों को जोड़ने का काम अंतिम दौर में।
बाकी 50 में से 20 वार्डों के लिए कार्ययोजना तैयार।
30 वार्डों का विवरण भारत सरकार के अमृत टू पोर्टल पर अपलोड।
निगम के अफसर बायोरेमिडिएशन करके नालों में सीवर डालने का दावा करते हैं, लेकिन लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक बरसात में शोधन की प्रक्रिया बाधित हो जाती है। नाले उफनाते हैं तो सीवर का पानी भी बारिश के पानी के साथ नालों में पहुंच जाता है। जल प्रदूषण की इस स्थिति से निजात दिलाने के लिए ही पूरे शहर में सीवर लाइन का नेटवर्क बिछाने की योजना है।



