बरेली

Bareilly News: मां का ड्रामा…लूट के बहाने बेटी को सौंप दिए नकदी-जेवर

Connect News 24

बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के पॉश इलाके बीडीए कॉलोनी में रिटायर्ड बैंक मैनेजर राजेश्वर दयाल सिंह के घर लूट का मामला जांच में फर्जी निकला। राजेश्वर सिंह की पत्नी माया देवी ही इस झूठी कहानी की सूत्रधार थीं। उन्होंने योजना के तहत बेटी को बुलाकर नकदी-जेवर सौंप दिया। पुलिस और एसओजी के सवालों से घबराकर वृद्धा ने पति को हकीकत बता दी। पुलिस अब दर्ज रिपोर्ट को निरस्त करेगी।

राजेश्वर दयाल सिंह ने शुक्रवार सुबह पुलिस को लूट की सूचना दी थी। बताया था कि बदमाशों ने पत्नी का हाथ-पैर बांधकर बेड पर डाल दिया। दिव्यांग बेटे मनीष को भी नशा दिया गया। दोपहर बाद होश में आने का दिखावा कर राजेश्वर की पत्नी माया देवी ने भी पुलिस को बताया कि पति रात में जैसे ही ताला लगाकर ऊपर गए, दो लोगों ने उन्हें पकड़कर कुछ सुंघा दिया और वह बेहोश हो गईं।

शुक्रवार को पूरे दिन पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की टीमें राजेश्वर के घर में रहकर पड़ताल और पूछताछ करती रहीं। अफसर व मीडियाकर्मी भी पहुंचे और माया देवी से सवाल किए। इससे वह घबरा गईं और शुक्रवार रात उन्होंने पति को सब सच बता दिया। इसके बाद राजेश्वर सिंह ने शनिवार को पुलिस को हकीकत बता दी। इससे पुलिस को काफी राहत मिली। माया देवी व अन्य से मामले की तस्दीक करने के बाद रिपोर्ट को निरस्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई।

तंगी झेल रही बेटी को दे दिया नकदी-जेवर

पुलिस के मुताबिक राजेश्वर दयाल की बेटी उर्मिला गाजियाबाद में रहती है। उसका पति से विवाद चल रहा है। दोनों अलग रहते हैं, बेटा उर्मिला के पास और बेटी पति के पास है। इन दिनों उर्मिला आर्थिक तंगी से जूझ रही है। उसने इस बारे में मां को बताया। माया देवी बेटी की मदद करना चाहती थीं पर पति को बताने से डर रही थीं। दूसरे घर में रह रही पुत्रवधू को भी पारिवारिक कारणों से बताना नहीं चाहती थीं। तब माया देवी ने लूट की कहानी रच डाली। तय योजना के तहत बेटी और उसका साथी विक्की पैदल ही रात 2.49 बजे घर में घुसे व 3.44 बजे चले गए। परिवार के मुताबिक इन्हें करीब तीन लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर दिए गए। माया देवी ने बेटी और विक्की से ही खुद को चुन्नी से बंधवा दिया और बेहोशी का ड्रामा किया। पुलिस की जांच में भी किसी नशे की पुष्टि न होने से सवाल खड़े हुए थे।

दिव्यांग बेटे के इलाज को घर में रखे थे तीन लाख रुपये

एक्सीडेंट में 16 साल पहले राजेश्वर के बेटे मनीष की आंखें चली गई थीं। उसके सिर में भी गहरी चोट लगी थी। तब से उसका महंगा इलाज चल रहा है। राजेश्वर सिंह ने बताया कि मनीष के इलाज के लिए ही तीन लाख रुपये घर में रखे थे जो पत्नी ने बेटी को दे दिए। जेवर माया देवी का ही था।

सीसीटीवी फुटेज ने उलझाई कहानी

शुक्रवार को पुलिस ने पड़ोसी के कैमरे से जो सीसीटीवी फुटेज निकाली उसमें एक व्यक्ति घर में घुसते और तीन निकलते देखे गए हैं। हालांकि इनके चेहरे स्पष्ट नहीं हैं। अब पुलिस का कहना है कि दो ही लोग घुसे और निकले थे जो उर्मिला और विक्की हैं। अगर कोई तीसरा शख्स इनके साथ रहा होगा तो वह विक्की का कोई दोस्त हो सकता है। उर्मिला व विक्की से पूछताछ के बाद ही सही बात पता लगेगी जाएगी।

हो सकती है कार्रवाई

फिलहाल पुलिस का पहला लक्ष्य मुकदमा खत्म करना है, पर पुलिस इस मामले में 182 बी के तहत कार्रवाई करना चाहती है। इसमें घटना से पूरी तरह अनभिज्ञ राजेश्वर सिंह को कार्रवाई से बाहर रखा जाएगा। उनकी 72 साल की पत्नी माया देवी, बेटी उर्मिला, विक्की आदि के खिलाफ झूठी कहानी रचने के आरोप में कार्रवाई की जा सकती है।

बीडीए कॉलोनी में राजेश्वर दयाल सिंह के घर कोई लूट नहीं हुई थी। वृद्ध महिला ने अपनी बेटी को जेवर व नकदी देने के लिए झूठी कहानी रची थी। माल बरामद कर केस निरस्त कर दिया जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई की जा सकती है। – राहुल भाटी, एसपी सिटी


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button