Bareilly News: गबन हुआ, वसूली का आदेश भी पर न हुई भरपाई
बरेली। जिले की तीन ग्राम पंचायतों में सरकारी धन का गबन हुआ। डीएम ने वसूली के आदेश भी किए, लेकिन गबन के रुपये खजाने में जमा नहीं हो सके। अधिकारियों के आदेश से ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव बचने का रास्ता निकाल रहे हैं। इधर, जवाब न मिलने पर सेवारत कर्मचारियों के वेतन से कटौती और सेवानिवृत्त कर्मियोें की पेंशन से वसूली की बात कही जा रही है।
यह हाल
20 दिन में न जवाब आया न वसूली हुई
भुता ब्लाॅक के दौलतपुर करैना गांव में 3,41,551 रुपये का गबन हुआ। रकम वसूली के लिए निवर्तमान ग्राम प्रधान दीपशिखा और पंचायत सचिव अभय कुमार आर्य के खिलाफ नोटिस तत्कालीन जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने 29 सितंबर को जारी किया। सात दिन में गबन की राशि ग्राम निधि खाते में जमा करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक जमा नहीं हुई।
ग्राम पंचायत सचिव हो गए सेवानिवृत्त
फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक की ग्राम पंचायत जनक जागीर में बागवानी के नाम पर 6,66,109 रुपये का गबन हुआ था। प्रधान सुनीता देवी, ग्राम पंचायत सचिव रचित अग्रवाल से वसूली के लिए डीएम और डीपीआरओ ने 20 जून को नोटिस जारी किया, लेकिन रुपये जमा नहीं हुए। प्रधान व सचिव ने मंडलीय जांच के लिए अपील करके वसूली रोकने का आग्रह किया है।
नोटिस जारी हुए पर जवाब नहीं आया
बहेड़ी ब्लॉक के ईटौआधुरा गांव में 3,56,039 रुपये का गबन हुआ। प्रधान पृथी सिंह, पूर्व प्रधान पुष्पा देवी, तत्कालीन पंचायत सचिव सुनील कुमार शर्मा के नाम 18 अगस्त को डीएम ने वसूली नोटिस जारी किया। सचिव सुनील कुमार शर्मा का सीतापुर स्थानांतरण हो गया। वहां वह सहायक विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं। दोनाें ने कोई जवाब दाखिल नहीं किया है।
सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी से गबन की राशि वसूलने के लिए सीतापुर के डीपीआरओ को लिखा गया है। ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को दोबारा नोटिस देंगे। फिर भी धनराशि नहीं जमा हुई तो उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। गबन की राशि की भरपाई कर्मचारियों के वेतन व पेंशन की जाएगी। प्रधानों से भू राजस्व की भांति होगी वसूली होगी। – धर्मेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी



