Bareilly News: डिप्टी सीएम के आदेश के चार दिन बाद भी जांच पूरी नहीं, मांगा वक्त
बरेली। तोतलेपन का इलाज कराने पहुंचे बच्चे का खतना किए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग चार दिन बाद भी जांच पूरी नहीं कर सका है। पूर्व में भेजी गई प्राथमिक जांच रिपोर्ट दोबारा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को भेजकर विस्तृत जांच के लिए और वक्त मांगा है। यह हाल तब है जबकि सीएमओ ने महज दो दिन में जांच पूरी करने का दावा किया था। अंतिम जांच रिपोर्ट भेजे जाने तक एम खान अस्पताल का लाइसेंस निलंबित रहेगा।
शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि 24 जून को एम खान अस्पताल के अभिलेख और रिकॉर्ड की जांच की गई। साथ ही, सभी अभिलेखों की मूल प्रति विभाग ने कब्जे में ले ली है। 25 जून को मरीज के घर पहुंचकर मां, पिता, ताऊ के लिखित बयान लिए। बयान के आधार पर टीम फिर अस्पताल पहुंची और डॉ. मोहम्मद जावेद समेत स्टाफ का बयान लिया।
जांच के अनुसार पिता हरिमोहन यादव 18 जून को इलाज के लिए दो वर्षीय बेटे सम्राट को लेकर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। दस्तावेजों की जांच के अनुसार तोतलेपन का इलाज होना था। जीभ तलवे से जुड़ी थी लिहाजा, मरीज को तुतना (टंग टाई) की समस्या थी। टीम की जांच में तुतना समस्या प्रतीत हुई पर अस्पताल के अभिलेखों के अनुसार मरीज को फाइमोसिस होने की रिपोर्ट डॉ. जावेद खान ने बनाई। जिसका इलाज सूक्ष्म शल्य क्रिया खतना संभावित है। ऑपरेशन हो चुका है। लिहाजा, मरीज को फाइमोसिस की समस्या थी या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकती।
अस्तपाल के अभिलेख सही, चिकित्सकीय खामी नहीं
सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह के मुताबिक अब तक की जांच में अस्पताल के अभिलेख में चिकित्सकीय खामी नहीं मिली है। हालांकि, मरीज के परिजनों को खतना के बारे में ठीक से जानकारी नहीं दी गई। साथ ही, चिकित्सकीय टीम ने तीमारदारों को भरोसे में लिए बिना ही खतना कर दिया। लिहाजा, अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है। जांच समिति को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए डिप्टी सीएम से और समय मांगा गया है। अस्पताल के निलंबित लाइसेंस की बहाली के संबंध में शासन स्तर से निर्णय लिया जाएगा।



