Bareilly News: दोनोें बैंक शाखा प्रबंधकों पर एफआईआर दर्ज
बरेली। बैंक प्रबंधकों की मनमानी के चलते स्वयं सहायता समूहों की 600 से अधिक महिलाएं कैश क्रेडिट लिंकेज (सीसीएल) के लिए बार-बार बैंक की शाखाओं में गईं, लेकिन उन्हें हर बार लौटाया गया। दो बैंक प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। बैंक आने-जाने में महिलाओं के एक बार में ही 40-50 रुपये और तीन-चार घंटे समय बर्बाद हुआ।
बैंक ऑफ बड़ौदा की कांधरपुर शाखा के प्रबंधक राजीव विश्नोई और भड़सर शाखा के प्रबंधक कुलदीप गंगवार के खिलाफ समूह की सदस्यों ने सोमवार को तहरीर दी थीं। डीएम के निर्देश के बाद राजीव विश्नोई के खिलाफ कैंट थाने में और भुता के गांव भगवानपुर धिमरी निवासी नीरज कुमारी की तहरीर पर कुलदीप गंगवार के खिलाफ हाफिजगंज थाने एफआईआर की गई है।
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पोर्टल न चलने की वजह से दोनों शाखाओं में स्वयं सहायता समूह की कैश क्रेडिट लिमिट के प्रकरण लंबित थे। मैंने दोनों शाखा प्रबंधकों से जानकारी ली है। अब डीएम को तथ्यों से अवगत कराएंगे। लंबित प्रकरण निस्तारित किए जाएंगे। -वीके अरोड़ा, लीड बैंक मैनेजर
मामले जिनमें हुई एफआईआर
काधंरपुर के सागर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं फरवरी, 2023 से सीसीएल के लिए बैंक जा रही थीं, लेकिन उन्हें निराश लौटाया गया। इसी गांव के मनी स्वयं सहायता समूह, भूमिका स्वयं सहायता समूह, कृष्णा स्वयं सहायता समूह, उमरसिया पूजा महिला स्वयं सहायता समूह, चनेहटा के खाटू श्याम स्वयं सहायता समूह और सखी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को टाला गया। कांधरपुर शाखा में 48 और भड़सर शाखा में 10 स्वयं सहायता समूहों की फाइलें अटकी थी। महिलाओं का कहना है कि जब-जब वह शाखाओं में गईं तो दोनों के प्रबंधकों का व्यवहार बेहद खराब रहा।
कोट-
हमारे समूह ने सीसीएल के लिए 26 मई, 2023 को ऑनलाइन आवेदन किया। उम्मीद थी महीनेभर में मंजूर हो जाएगा। मेरे साथ समूह की महिलाएं बैंक गईं पर शाखा प्रबंधक ने टाल दिया। ब्लाॅक मिशन मैनेजर से शिकायत की तो वह 15 अगस्त और 22 नवंबर को बैंक शाखा प्रबंधक से मिले, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। -भाग्यश्री पटेल, खाटू श्याम स्वयं सहायता समूह, चनेहटा
अगर समय पर सीसीएल हो जाती तो हम सभी दिवाली के त्योहार पर छोटा-मोटा व्यापार करते, मेरे घर से बैंक मात्र आधा किलोमीटर है। मैं हर दूसरे-तीसरे दिन बैंक गईं, लेकिन शाखा प्रबंधक ने यही कहा कि हमारे पास बैंक में ही बहुत काम है। समय मिलेगा तो विजिट करेंगे, लेकिन कोई नहीं आया। हम 12 महिलाओं को पांच महीने से भटकाया जा रहा है। -अंजना कुमारी, उन्नति स्वयं सहायता समूह, कांधरपुर



