Bareilly News: एमसीएच विंग में कभी भी भड़क सकती है बेपरवाही की आग
बरेली। महिला अस्पताल की मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) विंग में खतरा अभी टला नहीं है। सौंपी गई रिपोर्ट में जांच टीम ने भविष्य में भी शॉर्ट सर्किट से अग्निकांड की आशंका जताई है। साथ ही, ड्राइंग के अनुसार ही किसी उपकरण को लगाने का सुझाव दिया है।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय, हाइडिल और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने जांच के बाद बृहस्पतिवार को रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट के मुताबिक एमसीएच विंग के ग्राउंड फ्लोर समेत तीनों मंजिल पर विद्युत नियंत्रण केंद्र (ईसीआर) का निर्माण शौचालय के पास किया गया है। दोनों की दीवार भी एक है। इससे सीलन और पानी भरने की समस्या बनी हुई है। सीलन से ईसीआर में कभी भी स्पार्किंग होकर आग लगने की आशंका है। साथ ही सुझाव दिया है कि अगर कहीं अतिरिक्त वायरिंग, सीलिंग फैन, स्विच-सॉकेट, एयर कंडीशनर आदि की जरूरत हो तो उन्हें ड्राइंग को देखकर ही लगवाएं।
जांच टीम ने लखनऊ स्थित पीडब्ल्यूडी प्रमुख अभियंता वास्तुविद वर्ग कार्यालय से सिविल ड्राइंग और विद्युत ड्राइंग बनवाने का सुझाव दिया है। विशेषज्ञ से अनुमोदन के बाद ही सिविल और इलेक्टि्रकल कार्य कराने को कहा है। ध्यान रखा जाए कि शौचालय और विद्युत नियंत्रण केंद्र किसी भी दशा में आसपास न बनाए जाएं।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि रिपोर्ट में सुझाए गए बिंदुओं के संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है। महानिदेशक को पत्र भेजकर संबंधित जांच रिपोर्ट साझा करते हुए ड्राइंग के तहत निर्माण के लिए कहा जाएगा। रिपोर्ट में हादसे के जिम्मेदार ठहराए गए अस्पताल के तकनीकी स्टाफ और इलेक्टि्रकल अनुरक्षण ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा है।
वैकल्पिक वायरिंग और बोर्ड हटाए गए
घटना के तत्काल बाद एसएनसीयू और आपरेशन थिएटर में विद्युत आपूर्ति सुचारु करने के लिए वैकल्पिक वायरिंग हुई थी। एमसीवी लगाए गए थे। शुक्रवार को उन्हें हटा दिया गया। उधर, एसएनसीयू शुरू होने पर देर रात एक बच्चा भर्ती हुआ था। शुक्रवार सुबह भी एक नवजात को भर्ती किया गया।
वर्जन
महिला अस्पताल के सीएमएस को जांच रिपोर्ट में सुझाए गए बिंदुओं के अनुपालन को कहा है। उन्होंने स्टाफ और ठेकेदार से स्पष्टीकरण तलब किया है। जवाब के आधार पर आगे कार्रवाई की संस्तुति हाेगी। – डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
जिला अस्पताल में होगी विद्युत सुरक्षा की जांच
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एसएनसीयू में हुए हादसे का संज्ञान लेकर जिला अस्पताल में भी विद्युत सुरक्षा संबंधी जांच के लिए पत्र भेजा गया है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय को भेजे गए पत्र में अस्पताल परिसर के सभी वार्ड, यूनिट, पैथोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, दवा स्टोर, वितरण काउंटर, पर्चा काउंटर, एक्सरे कक्ष और कार्यालयों सहित समूचे परिसर में विद्युत सुरक्षा की जांच के लिए कहा गया है। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि इससे वर्तमान स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। रिपोर्ट में खामियां पाए जाने पर उन्हें दूर कराएंगे। अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड में फायर एग्जिट के बोर्ड भी लगाए गए हैं।



