Bareilly News: जलभराव से खराब हुआ फर्नीचर… मकानों की घट गई कीमत
बरेली। जागृति नगर में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से यहां न सिर्फ जनजीवन प्रभावित है, बल्कि लोगों को आर्थिक चोट भी पहुंच रही है।जलभराव से किसी के घर का फर्नीचर खराब हो गया तो कोई परेशान होकर मोहल्ला ही छोड़ गया। काॅलोनी में आलीशान मकान बने हैं, लेकिन सड़कों की हालत ठीक न होने से कीमत घट गई है।
मकान के लिए अब पहले की तरह किरायेदार नहीं मिल रहे हैं। मिलते भी हैं तो किराया कम मिल पाता है। जिन मकान मालिकों के पास कहीं और रहने का विकल्प है, वे अब शिफ्ट करने का मन बनाए हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि 30-30 लाख रुपये में दो मकान खरीदे थे। तब यह पता नहीं था कि बारिश में यह हाल होगा। उमेश चंद्र शर्मा के घर के बगल में रहने वालीं मालती सिंह का कहना है कि यही हाल रहा तो उन्हें किसी और कॉलोनी में शिफ्ट होना पड़ेगा। बारिश के चार महीने यहां बड़ी तकलीफ में गुजरते हैं।
घर में रखा एक लाख रुपये से अधिक का फर्नीचर बारिश में बर्बाद हो गया। जरा सी बारिश में घर के भीतर पानी घुस जाता है। मां ने प्रधान के फोन पर कॉल की तो बेटे से बात हुई पर समाधान नहीं हुआ। -चित्रांगदा सिंह, सॉफ्टवेयर इंजीनियर
घर के ठीक सामने विजिलेंस के दरोगा महेश चंद्र मिश्र रहा करते थे। वारिश में पानी घुस जाने से घरेलू सामान खराब हुआ तो उनका परिवार कर्मचारी नगर में शिफ्ट हो गया। हमारे पास कोई विकल्प नहीं था सो हम यही जूझ रहे हैं। -अनिल गुप्ता, व्यापारी
जनप्रतिनिधि हों या अफसर, सबके सामने कॉलोनी के लोग समस्या को उठा चुके हैं। अब बार बार कहने का मन नहीं है। अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। समस्या झेलने के आदी हो चुके हैं। -आमोद चौहान, नागरिक
जलभराव न होता तो कारोबार बढ़ता। प्रापर्टी की कीमत भी बढ़ती, लेकिन यहां के हालात खराब हैं। चार महीने कैसे गुजरते हैं शब्दों में बयां नहीं कर सकते। बारिश के दिनों में ग्राहक कम आते हैं। -अनुज कुमार, दुकानदार
दोस्त बारिश के दिनों में मेरे घर नहीं आ पाते। मैं भी उन पर जोर नहीं डालता, क्योंकि जलभराव होने से गिरने का खतरा रहता है। अगर सड़क बन जाती तो सबका फायदा होता। कोचिंग तक जाना आना भी आसान हो जाता। -निदेश साहू, स्टूडेंट



