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Bareilly News: महिलाओं का नसबंदी कैंप में आने से इन्कार, मनाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

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शाहजहांपुर। निगोही सीएचसी में नसबंदी के लिए बुलाकर महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामले में 48 घंटे बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को जांच के लिए नामित जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने लापरवाही के आरोपियों को पत्र भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को बुलाया है। वहीं शुक्रवार को फिर से निगोही सीएचसी में नसबंदी कैंप प्रस्तावित है। उधर, महिलाएं तबीयत खराब होने की बात कहकर कैंप में आने से मना कर रही हैं।

मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे नसबंदी कराने के लिए 48 महिलाएं निगोही सीएचसी पहुंची थीं। उन्हें नशे का इंजेक्शन लगाया गया था। सर्जन ने जब किट में रिंग लोडर नहीं पाए तो नसबंदी करने से मना कर दिया। शाम करीब साढ़े सात बजे रिंग लोडर पुवायां से मंगाए गए। तब तक इंजेक्शन लगे पांच-छह घंटे गुजर चुके थे। इस पर महिलाओं ने नसबंदी से इन्कार कर दिया था।

मामला संज्ञान में आने के बाद बुधवार को सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने एसीएमओ डाॅ. गोविंद स्वर्णकार, परिवार नियोजन के परामर्शदाता अनिल कुमार काे नोटिस जारी किया और उपकरण रखने में लापरवाही की आरोपी मदनापुर की स्टाफ नर्स से जवाब मांगा। साथ ही जांच एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव को सौंप दी गई। इस मामले के 48 घंटे बाद भी जांच शुरू नहीं हो पाई है। बृहस्पतिवार शाम को एसीएमओ डॉ. गोविंद स्वर्णकार, परिवार नियोजन के परामर्शदाता अनिल कुमार, सर्जन अविनाश आनंद, मदनापुर की स्टाफ नर्स प्रीति व निगोही के एमओआईसी डॉ. नितिन चौधरी को पत्र भेजकर बयान के लिए बुलाया गया है।

महिलाओं की तबीयत खराब, कैंप में आने से किया मना

कैंप निरस्त होने के बाद शुक्रवार को दोबारा से सीएचसी पर नसबंदी शिविर लगने जा रहा है। कैंप के लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व कर्मचारी आशाओं से संपर्क साधकर महिलाओं को लाने की कवायद कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, महिलाओं का आना अब संभव नहीं रहा है। कई महिलाएं अपनी तबीयत ठीक न होने की बात कह रही हैं। आशा यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्रा देवी ने बताया कि महिला सुनीता के पैरों में सूजन आ गई है। अन्य महिलाएं भी अपनी-अपनी परेशानी बताकर कैंप में आने से मना कर रही हैं।

ददरौल सीएचसी पर कैंप निरस्त, मायूस लौटीं महिलाएं

निगोही के बाद ददरौल में नसबंदी कराने आईं महिलाओं को लौटा दिया गया। यहां 35 महिलाओं की नसबंदी की जानी थी। बीपीएम फैजुल हक के अनुसार, बुधवार को नसबंदी करने वाले सर्जन ने किसी कारणवश कैंप में आने से मना कर दिया था। इसकी सूचना आशा कार्यकर्ताओं को दे दी गई थी। सूचना न मिल पाने के कारण आठ महिलाएं आ कैंप में पहुंच गईं थी, जिन्हें लौटा दिया गया। अब दोबारा तारीख तय होने पर उन्हें बुलाया जाएगा।

नसबंदी में लापरवाही करने के मामले में जांच जारी है। संबंधित को बयान के लिए आज बुलाया गया है। जांच में दोष तय कर सीएमओ को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। – डॉ.पीपी श्रीवास्तव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी


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